फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: पराली जलाने पर अलेवा खंड के सात किसानों पर एफआईआर

Mon, 21 Oct 2024 03:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
विज्ञापन
20जेएनडी33 : गांव दनौदा कलां में खेतों की लगी आग बुझाते कृ​षि विभाग के कर्मचारी। संवाद
विज्ञापन
जींद। धान के अवशेष जलाने पर अलेवा खंड के सात गांवों के सात किसानों के खिलाफ अलेवा थाना पुलिस ने खंड कृषि विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है।
विज्ञापन

पुलिस को दी शिकायत में अलेवा खंड के कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि अलेवा खंड में सेटेलाइट से किसानों की ओर से पराली जलाने की सूचना मिली थी। इस पर जब उनकी टीम मौके पर पहुंची तो खेतों में पराली जली हुई मिली। इससे पर्यावरण प्रदूषित होने के अलावा सरकार के आदेशों की भी अवहेलना की गई।
कृषि विभाग को सेटेलाइट से सूचना मिली थी कि 10 अक्तूबर को थुआ गांव में पराली जलाई गई है। इस पर 11 अक्तूबर को मौके का निरीक्षण किया गया तो धान के अवशेष जले हुए मिले थे। इसके अलावा 10 अक्तूबर को ही अलेवा में सेटेलाइट से धान के अवशेष में आग की सूचना मिलने पर 11 को विभाग के कर्मचारी मौके पर गए तो जांच की तो पराली जलाने की पुष्टि हुई। वहीं नगूरां में 15 अक्तूबर को पराली जलाने की सूचना मिली थी। 16 अक्तूबर को विभाग के अधिकारी मौके पर गए साधु के खेत में धान के अवशेष जले हुए मिले। 12 को पेगां गांव में पराली जलाने की सूचना मिली थी। इस पर जांच की तो नरेश के खेत में धान के अवशेष जले हुए मिले। संडील गांव में 13 अक्तूबर को पराली जलाने की सूचना मिली। कृषि विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो प्रदीप के खेत में धान के अवशेष जले हुए मिले। वहीं 11 अक्तूबर को बिघाना में राजेश व डाहोला में राजकुमार के खेत में पराली जलने की सूचना मिली थी। जांच करने पर वहां पर भी पराली जलाने के सबूत मिले। सभी किसानों को मौके पर ही जुर्माना लगाया गया।
विज्ञापन

इसमें अलेवा थाना पुलिस ने रविवार को थुआ निवासी ठंडू राम, अलेवा निवासी सत्यवान, नगूरां निवासी साधु, पेगां निवासी नरेश, संडील निवासी प्रदीप, बिघाना निवासी राजेश व डाहोला निवासी राजकुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
अब तक 49 में 38 जगह जली मिली पराली
एक अक्तूबर से अब तक जिले में 53 एकड़ में धान के अवशेष जलाए जा चुके हैं। कृषि विभाग की टीम ने इन मामलों में 95 हजार रुपये जुर्माना वसूला है। कृषि विभाग की टीम को 49 जगह धान के अवशेष में आग लगाने की सूचना मिली थी। उसे 38 जगह आग लगी हुई मिली, जबकि सात जगह आग की सूचना सही नहीं मिली। इन मामलों में किसानों से एकड़ के हिसाब से जुर्माना वसूला गया है। अलेवा थाना क्षेत्र में सात किसानों पर धान के अवशेष जलाने पर एफआईआर भी दर्ज की गई है। पिछले 20 दिनों की बात करें तो 1 अक्तूबर को एक, 3 अक्तूबर को 2, 4 अक्तूबर को 1, 6 अक्तूबर को 1, 7 अक्तूबर को 2, 8 अक्तूबर को 2, 9 अक्तूबर को 2, 10 अक्तूबर को 5, 11 अक्तूबर को 7, 12 अक्तूबर को 10, 13 अक्तूबर को 8, 14 अक्तूबर को 2, 16 अक्तूबर को 2 और 18 अक्तूबर को 3 जगह धान के अवशेष जलाए गए मिले हैं।
मुख्य सचिव ने दिए एफआईआर दर्ज करने के आदेश
रविवार को सरकार के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। उन्होंने सभी जिला उपायुक्तों को सख्ती से धान के अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि धान के अवशेष जलाने से रोकने के लिए सख्ती से कानून लागू करें। अब तक जितनी भी जगह धान के अवशेष जलाए जा चुके हैं, उन मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज करवाएं। चाहे किसी भी किसान ने जुर्माना भरा है या नहीं। धान के अवशेष जलाने वाले किसानों पर सख्ती बरतें और नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएं।

20जेएनडी33 : गांव दनौदा कलां में खेतों की लगी आग बुझाते कृषि विभाग के कर्मचारी। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें