जींद। ठंड की शुरुआत के साथ ही जिले में सर्दी, जुकाम, बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी प्रतिदिन 1200 से 1300 मरीज आ रहे हैं। इनमें दो से 250 मरीज सर्दी, जुकाम और बुखार के मिल रहे हैं। डेंगू का भी प्रकोप है। पिछले एक पखवारे से प्रतिदिन औसतन 15 डेंगू पीड़ित मिल रहे हैं। जिले में अब तक 376 डेंगू के मामले आ चुके हैं। अस्पताल में इन दिनों मरीजों की कतार लग रही है। यह आंकड़ा नागरिक अस्पताल का है। अगर निजी अस्पतालों के आंकड़े जोड़े जाएं तो बुखार और डेंगू पीड़ितों की संख्या चौंकाने वाली होगी।
इन दिनों शुष्क ठंड पड़ रही है। दिन में तेज धूप से गर्मी तो रात में सर्द हवाओं के साथ ठंड पड़ रही है। इसमें अगर थोड़ी भी लापरवाही होने पर बीमार पड़ने की आशंका बनी हुई है। अनियमित दिनचर्या और ठंड से नहीं बचने के कारण लोग सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से 1300 मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल में इससे पीड़ित मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। अस्पताल में दस से 12 बजे के बीच मरीजों की लंबी कतार लगी थी। यहां ओपीडी में बुधवार को 1200 मरीज पहुंचे थे, इनमें से करीब 200 सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मिले। डॉ. राजेश भोला बुखार मरीजों की जांच कर रहे थे। नागरिक अस्पताल में इन दिनों प्रतिदिन 1200-1300 मरीजों की ओपीडी होती है।
जिले में सिर्फ नागरिक अस्पताल में ही डेंगू जांच की सुविधा है। अन्य किसी अस्पताल के पास एलाइजा टेस्ट की सुविधा नहीं है। निजी अस्पताल केवल कार्ड टेस्ट करते हैं जिसकी रिपोर्ट विश्वसनीय नहीं होती। सरकार केवल एलाइजा जांच को ही सही मानती है। इसका परिणाम भी 99 प्रतिशत ही सही है। यदि बुखार हुए तीन-चार दिन हो जाएं और नागरिक अस्पताल में एलाइजा टेस्ट करवाना चाहिए ताकि डेंगू की सही जांच हो जाए।
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गुनगुना पानी पीएं, गर्म कपड़े पहनें
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि इस समय हमें गर्म कपड़े पहनने चाहिए। शरीर को अच्छी तरह से ढक कर रखना चाहिए। दोपहिया वाहन पर चलने समय ऐसे कपड़े पहनें जिससे सीने पर हवा नहीं लगे। पानी को गर्म करके पीना चाहिए। ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए। बाजार की वस्तुओं से भी दूर रहें। रात को सोते समय गर्म पानी में हाथ-पैर धोकर सोएं। बुखार होने पर तुरंत नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों से इलाज करवाएं।
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सबकी डेंगू जांच हो तो बढ़ जाएंगे डेंगू के मामले
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 200 के आसपास बुखार पीड़ित मरीज आते हैं। इन सभी की डेंगू जांच नहीं करवाई जाती है। यदि सभी बुखार पीड़ितों की डेंगू जांच हो कराई जाए तो डेंगू के मामले और अधिक बढ़ सकते हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों में काफी लोग इलाज करवाते हैं। निजी अस्पताल चिकित्सक भी लोगों को डेंगू बताते हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग केवल सरकारी अस्पताल की रिपोर्ट को ही डेंगू में गिनता है। अब तक जिले में 376 डेंगू के मामले आ चुके हैं। यदि सभी बुखार पीड़ितों की डेंगू जांच करवाई जाए तो डेंगू के मामले और अधिक बढ़ सकते हैं।
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ये लक्षण नजर आए तो कराएं डेंगू की जांच
नागरिक अस्पताल में जितने भी बुखार के मरीज आते हैं, सभी की डेंगू जांच नहीं करवाई जाती है। जिस व्यक्ति की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आती है, उसके परिवार के बुखार पीड़ित लोगों की जांच करवाई जाती है। इसके अलावा जिस व्यक्ति को तेज बुखार हो या बुखार के साथ-साथ हड्डियों में भी दर्द हो, उन मरीजों की जांच करवाई जाती है। प्रतिदिन अस्पताल में 70 के आसपास मरीजों की डेंगू जांच करवाई जाती है।-डॉ. विजेंद्र ढांडा, जिला मलेरिया अधिकारी।
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इस समय शुष्क ठंड पड़ रही है। ऐसे मौसम में लापरवाही बरतने वाले लोग ही बुखार की चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सक जांच के बाद तय करते हैं कि मरीज की डेंगू जांच करवाई जाए या नहीं। अस्पताल में डेंगू जांच की पूरी सुविधा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी लोगों को बुखार व डेंगू से बचाव के लिए जागरूक करती हैं।-डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन।