18जेएनडी23: धरने पर किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता। संवाद
नरवाना। अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य अध्यक्ष मास्टर बलबीर सिंह ने डिजिटल कृषि मिशन (डीएएम) के जरिए उर्वरक सब्सिडी में बड़ी कटौती करने के माध्यम से कृषि को कॉरपोरेट क्षेत्र को सौंपने की गैर जवाबदेह योजनाओं के लिए एनडीए-3 सरकार की निंदा की।
उन्होंने आरोप लगाया है कि डिजिटल कृषि मिशन कृषि के कॉरपोरेटीकरण की दिशा में काम करेगा और अनुबंध खेती को बढ़ावा देने के जरिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों के वर्चस्व को स्थापित करेगा। डीएएम इस वर्ष छह करोड़ किसानों की भूमि और फसलों को डिजिटल बनाएगा। अगले कुछ वर्षों में 9.3 करोड़ किसानों तक इसका विस्तार किया जाएगा। मा. बलबीर सिंह शुक्रवार को नरवाना तहसील कार्यालय में चल रहे किसान धरने को संबोधित कर रहे थे।
आम सभा ने पूरे देश के किसानों से 26 नवंबर को जिला मुख्यालयों पर चेतावनी रैली में शामिल होने का आह्वान किया है। यह रैली 2020 में किसानों के ऐतिहासिक संसद मार्च और मजदूरों की आम हड़ताल की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित की जाएगी। उन्हें उम्मीद है कि रैली देशभर के लगभग 500 जिलों में आयोजित की जाएगी।
यह हैं 6 मांगें
सभी फसलों के लिए कानूनी रूप से गारंटीकृत खरीद के साथ एमएसपीसी-2+50 प्रतिशत, किसानों की आत्महत्या को रोकने के लिए एक सर्व समावेशी ऋण माफी योजना और ऋण ग्रस्तता से मुक्ति, बिजली क्षेत्र का निजीकरण न हो, कोई प्रीपेड स्मार्ट मीटर न लगाया जाए। कॉरपोरेट कंपनियों के लिए अंधाधुंध भूमि अधिग्रहण बंद हो। फसलों और पशुपालन के लिए सार्वजनिक क्षेत्र में व्यापक बीमा योजना लागू की जाएं।
18जेएनडी23: धरने पर किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता। संवाद