17जेएनडी17-हमेटी में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में किसानों को कीटनाशकों के सही प्रयोग की जानकारी द
- फोटो : प्रयागराज जा रहे बस यात्री हुए जख्मी
जींद। हमेटी में रासायनिक कीटनाशकों के सुरक्षित प्रयोग को लेकर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में कीट विशेषज्ञ डॉ. हर भगवान कंबोज ने कहा कि फसलों में यदि सही समय पर सही तरीके से नियंत्रण नहीं किया जाए तो कीट और बीमारियों के प्रकोप से 55 से 65 प्रतिशत तक आर्थिक नुकसान हो सकता है। उनके नियंत्रण के लिए और फ सल में आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए समन्वित कीट प्रबंधन (आईपीएम) करना चाहिए। इसमें भौतिक, यांत्रिक, जैविक और रासायनिक सभी तरीके शामिल हैं, लेकिन किसान समन्वित कीट प्रबंधन नहीं कर केवल रासायनिक कीटनाशियों का प्रयोग करते हैं। इससे फ सलों में फ ायदा कम और नुकसान ज्यादा होता है। उन्होंने कहा कि फ सलों में प्रयोग होने वाले रसायनिक कीटनाशक जहरीले होते हैं। इनके प्रयोग में थोड़ी सी लापरवाही से बहुत बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इसमें कई बार कीटनाशी के प्रभाव से मृत्यु भी हो जाती है। इसलिए रासायनिक कीटनाशकों को विशेषज्ञों की सलाह अनुसार ही प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान को रसायनिक कीटनाशक का प्रयोग करते समय अपने शरीर को पूरा ढकने वाले कपड़े पहनने चाहिए। मौसम का विशेष तौर पर हवा की गति और दिशा का ध्यान रखना चाहिए। हाथों में दस्ताने व मुंह को मास्क से ढक कर छिड़काव करना चाहिए। हमेटी के निदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि कृषि व किसान कल्याण विभाग की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत इस वर्ष हमेटी में 270 किसानों को रासायनिक कीटनाशकों के सुरक्षित प्रयोग पर प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें किसानों को सही समय पर, सही तरीके से, सही कीटनाशी की सही मात्रा के बारे में बताया गया ताकि किसान और किसान की फसल को कीटनाशी के दुष्परिणामों से बचाया जा सके।
17जेएनडी17-हमेटी में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में किसानों को कीटनाशकों के सही प्रयोग की जानकारी द- फोटो : प्रयागराज जा रहे बस यात्री हुए जख्मी