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किसानों को रास नहीं आ रहा अनाज मंडी का ऑनलाइन सिस्टम

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मंडी में पहुंची सरसों - फोटो : AMAR UJALA
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मेरी फसल मेरा ब्योरा किसानों और आढ़तियों को रास नहीं आ रहा है। जुलाना में एक किसान के मोबाइल पर संदेश आया कि वो अपनी सारसों लेकर जुलाना की अनाज मंडी में पहुंचे, लेकिन वहां उसे पता चला कि उसकी केवल एक क्विंटल 60 किलोग्राम ही सरसों खरीदी जाएगी। मालवी गांव के किसान शमशेर ने बताया कि उसके मोबाइल पर संदेश आया कि वो अपनी सरसों को लेकर जुलाना की अनाज मंडी में दोपहर बाद पहुंचे। जब वह मंडी में पहुंचा तो उसे गेट पर लगे नोटिस से पता चला कि उसकी मात्र एक क्विंटल 60 किलोग्राम सरसों ही खरीदी जाएगी। जब उसने मार्केट कमेटी में ऑनलाइन चढ़ी हुई फसल देखी तो उसे पता चला कि एक एकड़ सरसों की फसल चढ़ी हुई है। किसान ने आरोप लगाया कि अगर उसके मोबाइल पर कितनी सरसों लाने के साथ संदेश आता तो वह मंडी में ज्यादा सरसों लेकर नहीं आता। इस मौके पर मंडी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे जुलाना के विधायक अमरजीत ढांडा को किसान ने अपना दुखड़ा सुनाया तो विधायक ने सचिव से बात की, लेकिन विधायक के जाते ही सचिव ने फिर किसान की सरसों खरीदने से मना कर दिया। ऐसे में किसान को बिना सरसों बेचे ही घर लौटना पड़ा। वहीं दूसरा मामला पौली गांव के किसान का है। पौली गांव के किसान रामराजी ने बताया कि उसने 21 एकड़ फसल को ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है, लेकिन मंडी में केवल 39 क्विंटल गेहूं ही ऑनलाइन दिखा रहा है। जब उसने मार्केट कमेटी कार्यालय में जाकर पता लगाया तो उसकी ऑनलाइन 21 एकड़ फसल ही दिखा रहा है, लेकिन वह मंडी में 200 क्विंटल गेहूं को बेच चुका है। किसान इस समस्या को लेकर आढ़ती और मार्केट कमेटी कार्यालय के चक्कर काट रहा है। किसानों की समस्या की ओर सरकार और प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। सरकार को चाहिए कि पिछले पैटर्न के हिसाब से ही गेहूं की खरीद हो, जिससे आढ़तियों और किसानों को कोई परेशानी का सामना न करना पड़े। ऑनलाइन सिस्टम किसानों और आढ़तियों के जी का जंजाल बना हुआ है। राजपाल लाठर, प्रधान आढ़ती एसोसिएशन जुलाना। किसानों की समस्या सुनी और पाया कि यह एक टेक्निकल समस्या है। किसानों की समस्या का जल्द ही समाधान किया जाएगा। इसके लिए चंडीगढ़ में उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा। किसानों को फसल बेचने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। देवेंद्र ढुल, सचिव मार्केट कमेटी जुलाना।
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