02जेएनडी28: डीएसपी कार्यालय पहुंचे परिजन। संवाद
सफीदों। डिडवाड़ा गांव में दो महीने पहले साली के घर आए गांव घुमाना, सोनीपत निवासी जीजा सुनील की पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने से उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में सदर थाना पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एफआईआर होने के बावजूद एक भी आरोपी को गिरफ्तारी नहीं करने से नाराज परिजन सोमवार को गांव घुमाना, सोनीपत से डीएसपी कार्यालय पहुंचे, लेकिन डीएसपी से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई।
घुमाना गांव निवासी मृतक सुनील की मां कमलेश, बहन रीना, भाई जोनी, चाचा संतराम व शमशेर ने बताया कि तीन जुलाई को गांव घुमाना (सोनीपत) निवासी सुनील अपनी साली के घर उपमंडल सफीदों के गांव डिडवाड़ा में आया हुआ था। इसी दौरान उसकी साली के पास उसकी पत्नी भी थी। सायं को किसी बात को लेकर वहां पर झगड़ा हो गया और झगड़े के दौरान सुनील के ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। इसके बाद सुनील गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल सुनील को गंभीरावस्था में सफीदों के नागरिक अस्पताल लाया गया था। जहां से उसे पीजीआई और पीजीआई से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान सात जुलाई की रात को सुनील दम तोड़ गया। उसके बाद से ही पीड़ित बार-बार सफीदों पुलिस के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अभी तक इस मामले के पांच आरोपियों पिंकी, निर्मला, जगमिंद्र, राममेहर व सुनील में से किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि जल्द से आरोपियों को गिरफ्तार करके उन्हें न्याय दिया जाए।
सदर थाना प्रभारी आत्माराम ने कहा कि मामले में झुलसे हुए सुनील का बयान दर्ज करने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया था। जब मृत्यु हुई तो दिल्ली के एक निजी अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंप दिया गया था। मामले की जांच जारी है।
मरने से पहले युवक ने पुलिस को ये दिए थे बयान
सुनील ने मरने से पहले पुलिस को दिए बयान दिया था कि वह तीन जुलाई को अपनी पत्नी सोनिया को लेने के लिए साली निर्मला व पिंकी के घर गांव डिडवाड़ा गया हुआ था। वहां पर उनकी पत्नी सोनिया, पिंकी, निर्मला व पिंकी के पति राममेहर, निर्मला के पति जगमिंद्र व सुनील निवासी डिडवाड़ा मौजूद थे। उसने कहा कि वह अपनी पत्नी सोनिया को लेने के लिए आया है। उन्होंने उसकी पत्नी को उसके साथ भेजने से मनाकर दिया। उसके बाद सुनील, पिंकी, निर्मला, राममेहर व जगमेंद्र ने मिलकर उसकी पिटाई की। सुनील ने मेरे ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जगमेंद्र और राममेहर ने आग बुझाकर इलाज के लिए सफीदों के नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया था। जहां से उसे मेडिकल कॉलेज खानपुर रेफर किया गया था।