05जेएनडी24-मृतक परमजीत उर्फ पम्मी। संवाद
जींद। पशु चोरी के मामले में जिला कारागार में बंद हवालाती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इसका पता चलने पर मृतक के परिजन नागरिक अस्पताल पहुंचकर सीआईए स्टाफ पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया।
29 जनवरी की रात में सफीदों के गांव धर्मगढ़ में मलिकपुर निवासी 40 वर्षीय परमजीत उर्फ पम्मी समेत दो लोगों को पुलिस ने भैंस चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। दो फरवरी को परमजीत और उसके साथी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। सोमवार सुबह परमजीत की नागरिक अस्पताल में मौत हो गई। सूचना मिलने पर मृतक के परिजन नागरिक अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परमजीत के शरीर पर चोट के निशान देखे। मृतक के साले गोदर रोड निसिंग निवासी प्रगट सिंह ने बताया कि उनके जीजा को पुलिस ने 29 जनवरी को पकड़ा था। वे सीआईए की हिरासत मेें थे। जब वह सीआईए से मिलने के लिए गए तो उन्हें नहीं मिलने दिया। सीआईए ने उनसे दो लाख रुपये मांगे।उन्होंने नहीं दिए तो जीजा को थर्ड डिग्री दी गई। इससे उनकी मौत हो गई। इस मामले में जेल प्रशासन का कहना है कि परमजीत को दौरा पड़ रहा था। चार फरवरी को भी नागरिक अस्पताल लाया गया था। सोमवार को फिर से तबीयत बिगड़ने पर लाया गया तो उसकी मौत हो गई।
नागरिक अस्पताल में परिजनों ने दिया धरना
परमजीत की मौत की सूचना मिलने के बाद गांव मलिकपुर तथा धर्मगढ़ के ग्रामीण नागरिक अस्पताल पहुंचे और सीआईए कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कार्रवाई न होने तक शव उठाने से मना कर दिया। धर्मगढ़ गांव के सरपंच अजीतपाल चट्ठा और मलिकपुर गांव के सरपंच अमृतपाल ने कहा कि परमजीत खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। उस पर भैंस चोरी करने का आरोप झूठा था। दोपहर बाद ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ध्रुव कुमार नागरिक अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों के बयान कलमबद्ध किए। इसके बाद चिकित्सक बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम किया। इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई गई।
मामले की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट जांच की जा रही है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की देखरेख में शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। -नवीन मोर, प्रभारी, सिविल लाइन थाना जींद
05जेएनडी24-मृतक परमजीत उर्फ पम्मी। संवाद
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