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Jind News: कॉलेजों की संख्या और सीट बढ़ाने की उम्मीद

Mon, 12 Feb 2024 11:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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12जेएनडी26: शौर्य मलिक।
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जींद। प्रदेश सरकार के 23 फरवरी को जारी होने वाले बजट से जिले के विद्यार्थियों को बड़ी उम्मीदें हैं। यह उम्मीदें पूरी होंगी या नहीं यह तो बजट आने के बाद ही पता लगेगा। इस बार के बजट से विद्यार्थियों को उम्मीदें हैं कि शिक्षण संस्थाओं में लगातार बढ़ रही फीस को कम किया जाएगा। इसके अलावा शिक्षा को रोजगारपरक बनाया जाएगा। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी होने के बाद तुरंत उनको बेहतर रोजगार के विकल्प मिल सकें।
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विद्यार्थियों को उम्मीदें हैं कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इस बार के बजट में उनको कुछ खास मिलेगा, क्योंकि प्रदेश सरकार के कार्यकाल का यह अंतिम बजट है। इसके बाद प्रदेश में चुनाव होंगे। विद्यार्थियों को उम्मीद है कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कॉलेजों व विश्वविद्यालयों का विस्तार हो, सभी कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में कोर्स बढ़ाए जाएं। इसके अलावा शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा जाए, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित होने से बचे। मेडिकल समेत अन्य कोर्सों की फीस में कटौती की जाए। फिलहाल शिक्षा पर लगातार बढ़ रहे खर्च को सामान्य परिवार वहन करने में असमर्थ हैं। इसके चलते अधिकतर विद्यार्थियों की पढ़ाई अधूरी रह जाती है या फिर वह चिकित्सा, इंजीनियरिंग, वकालत समेत अन्य कोर्स करने से वंचित रह जाते हैं। इसके अलावा यूपीएससी की हर जिले में निशुल्क कोचिंग दिलवाई जाए। हर कॉलेज में प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी करवाई जाए। इससे विद्यार्थियों का इन परीक्षाओं के देने के लिए बेस पढ़ाई के साथ ही तैयार हो सके।

बाक्स

प्रदेश में चिकित्सा की पढ़ाई करना बेहद मुश्किल

प्रदेश में चिकित्सक बनने के लिए इस पर होने वाले खर्च को सामान्य परिवार वहन नहीं कर सकते। इस पर लाखों रुपये की फीस हर साल जमा करवाने के लिए सामान्य परिवार के बच्चे इस क्षेत्र में जाने से लगातार पिछड़ रहे हैं। इसके चलते चिकित्सा की पढ़ाई अमीर घरानों के बच्चों के लिए ही बची है। सरकार को चाहिए की इसकी फीस में कटौती की जाए ताकि चिकित्सकों की संख्या बढ़े और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। -शौर्य मलिक।
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रोजगारपरक व सस्ती हो शिक्षा

आज के समय में देश और प्रदेश में किताबी शिक्षा पर ज्यादा जोर है। सरकार को चाहिए कि शिक्षा रोजगारपरक हो। इससे विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पूरी होने के तुरंत बाद रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। स्कूल व कॉलेजों में औद्योगिक की जानकारी देनी चाहिए। इससे युवाओं की मांग बढ़े और वह खुद रोजगार प्राप्त करने में सक्षम हो सकें। आज प्रदेश सरकार बेहतर शिक्षा देने में पिछड़ रही है। इसके कारण युवा आगे नहीं बढ़ पा रहे। अस्पतालों में चिकित्सकों के पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार की महंगी फीस के कारण सामान्य वर्ग के विद्यार्थी इसमें दाखिला लेने की सोच भी नहीं सकते। -वंशिका जैन।

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इंजीनियंरिंग की पढ़ाई की तरफ प्राइमरी से दिया जाए जोर

प्राइमरी स्तर पर ही विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई की तरफ सरकार को शिक्षा में विशेष जोर देना चाहिए। इससे विद्यार्थियों की रुचि इस क्षेत्र में बढ़े और वह पढ़ाई पूरी होने तक किसी विशेष क्षेत्र में सफल हो सकें। इससे पढ़ाई पूरी होने के बाद वह किसी एक क्षेत्र में एक्सपर्ट बनकर बेहतर काम कर सकें। आज परंपरागत पढ़ाई के कारण लाखों की संख्या में युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। -रितु शर्मा।

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कॉलेजों में ही दिया जाए प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रशिक्षण

कॉलेजों में पढ़ाई के दौरान ही विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जानी चाहिए। इससे वह पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं को पास कर सकें। इससे उनको रोजगार प्राप्त करने में आसानी रहेगी। इसके अलावा यूपीएससी की परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिलास्तर पर सरकार को निशुल्क कोचिंग सेंटर खोलने चाहिए। अब दूसरे प्रदेशों व दूरदराज के क्षेत्रों में विद्यार्थियों को कोचिंग के लिए जाना पड़ता है। -विजेता विद्यार्थी।

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शिक्षा नीति सुधार कर ही युवाओं को बढ़ाया जा सकता है आगे

देश-प्रदेश में शिक्षा नीति ठीक नहीं होने के कारण आज प्रदेश में लाखों की संख्या में शिक्षित युवा भी बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। इसके चलते सरकार ही इन युवाओं को रोजगार नहीं दे पा रही। यह शिक्षित युवा भी रोजगारपरक शिक्षा नहीं होने के कारण खुद का काम करने में असमर्थ हैं। सरकार को शिक्षा नीति में बदलाव कर रोजगार से जुड़ी शिक्षा देनी चाहिए। सभी कोर्सों की महंगी फीस हर विद्यार्थी भरने में सक्षम नहीं हैं। सरकार को बेहतर शिक्षा कम फीस में विद्यार्थियों को उपलब्ध करवानी चाहिए। -नीतीश जैन।
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फोटो कैप्शन

12जेएनडी 26: शौर्य मलिक।

12जेएनडी 27: विजेता।

12जेएनडी28: रितु शर्मा।

12जेएनडी 29: वंशिका जैन।

12जेएनडी 31: नीतीश जैन।

12जेएनडी26: शौर्य मलिक।

12जेएनडी26: शौर्य मलिक।

12जेएनडी26: शौर्य मलिक।

12जेएनडी26: शौर्य मलिक।

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