जींद। असंतुलित खान-पान व नियमित रूप से सैर नहीं करने का दुष्प्रभाव मानव शरीर बढ़ता जा रहा है। 30 साल का युवा भी आज ब्लडप्रेशर व शुगर कर मरीज बनता जा रहा है। प्रति महीने नागरिक अस्पताल की निरोगी हरियाणा ओपीडी में 900 के आसपास मरीज आ रहे हैं। इसमें 30 साल से अधिक आयु के लोगों की जांच की जाती है। 900 में से 200 लोग बीपी व शुगर के मरीज मिलते हैं। इनमें 50 प्रतिशत युवा शामिल हैं।
हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने तथा समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की जांच करने के लिए निरोगी हरियाणा योजना हरियाणा सरकार ने लागू की है। इसके तहत नागरिक अस्पताल में अलग से ओपीडी कक्ष भी बनाया गया। वहीं जिले के नागरिक अस्पतालों में आने वाले लोगों को भी निरोगी हरियाणा के तहत रखा जाता है। इन सभी का डिजिटल रिकार्ड भी रखा जाता है ताकि इनके पहले स्वास्थ्य और बाद में स्वास्थ्य की रिपोर्ट का मिलान किया जा सके। इसके अलावा सभी मरीजों की बीपी, शुगर, रक्त संंबंधी जांच के अलावा अन्य सभी प्रकार की जांच की जाती है। इसमें व्यक्ति के स्वास्थ्य की पूरी जांच हो जाती है और कोई भी बीमारी हो, उसका समय पर पता चल जाता है। नागरिक अस्पताल में कमरा नंबर 10 में यह ओपीडी की जाती है।
प्रति महीना 900 ओपीडी
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 30 के आसपास की ओपीडी निरोगी हरियाणा के तहत होती है। इसके अलावा पूरे जिले में पांच हजार लोगों की जांच निरोगी हरियाणा के तहत की जाती है। सभी का डिजिटल रिकार्ड रखा जाता है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मरीज से संपर्क किया जा सके।
30 साल तक के युवा भी बीपी व शुगर के मरीज
निरोगी हरियाणा के तहत जिन लोगों की जांच की गई है, उनमें से 30 साल के भी युवा हैं। हर तीसरा युवा बीपी व शुगर का मरीज हो चुका है। इसके अलावा 40 साल से अधिक आयु का हर दूसरा व्यक्ति बीपी व शुगर का मरीज है। चिकित्सकों के अनुसार इसका मुख्य कारण असंतुलित खान-पान तथा हर समय दिमाग पर प्रेशर है। हर वर्ष शुगर व बीपी के मरीजों की आयु कम होती जा रही है।
सुबह की सैर व व्यायाम जरूरी
डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि शुगर व बीपी से निजात पाने के लिए सुबह की सैर तथा व्यायाम जरूरी है। अपने स्वास्थ्य को ठीक करने के लिए कुछ समय जरूर निकालना चाहिए। सुबह कम से कम दो किलोमीटर की सैर करनी जरूरी है। इसके अलावा व्यायाम करना भी जरूरी है। यदि व्यक्ति सुबह की सैर करे और व्यायाम भी करे तो बीपी व शुगर से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके अलावा सुबह व शाम 10-10 मिनट के लिए ध्यान भी लगाना चाहिए ताकि मन व दिमाग शांत रहे।
निरोगी हरियाणा के तहत अलग से ओपीडी कक्ष बनाया गया है। इन सभी मरीजों का रिकार्ड रखा जाता है। इसमें सभी प्रकार की सुविधाएं निशुल्क होती हैं। इसके अलावा पूरे जिले में हर पीएचसी व सीएचसी स्तर पर भी निरोगी हरियाणा के तहत ओपीडी की जाती है।
डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन।