सिविल सर्जन द्वारा भर्ती रद्द करने का जारी किए गया नोटिस। संवाद
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जींद। स्वास्थ्य विभाग ने एक पत्र जारी करके बेरोजगार युवाओं के अरमानों पर पानी फेर दिया है। सिविल सर्जन ने केवल एक पत्र जारी करके प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर भर्ती रद्द करने का फरमान जारी किया है। इस पत्र में ऐसा कोई ठोस कारण नहीं बताया गया, जिससे यह साफ हो सके कि भर्ती प्रक्रिया को किन कारणों से रद्द किया गया है। इससे उन उम्मीदवारों को झोर का झटका लगा जो इस भर्ती से रोजगार पाने का सपना संजोए हुए थे।
स्वास्थ्य विभाग ने 25 नवंबर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत लैब तकनीशियन के 17 पदों के लिए आवेदन मांगने का विज्ञापन जारी किया था। इन 17 पदों के लिए 375 बेरोजगार युवाओं ने आवेदन किए थे। इसके लिए छह दिसंबर को हिंदू कन्या महाविद्यालय में लिखित परीक्षा भी ली गई। इस परीक्षा के बाद पास होने वाले उम्मीदवारों का कंप्यूटर टेस्ट लिया जाना था। जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त किए गए एक प्रतिनिधि ने परीक्षा ली और उसी समय इन उम्मीदवारों में मेरिट लिस्ट बनाकर सील कर दी। इसी दिन दोपहर बाद साढ़े पांच बजे इन उम्मीदवारों का कंप्यूटर टेस्ट लिया जाना था लेकिन टेस्ट नहीं हो पाया। इसके बाद कोई प्रक्रिया नहीं हुई। अब वीरवार को सिविल सर्जन द्वारा जारी पत्र के तहत प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर इस भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने के आदेश जारी किए गए। इस प्रकार अचानक से प्रशासनिक कारणों का हवाल देकर भर्ती रद्द करने के कारणों पर अपने आप ही सवाल उठते हैं। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान से भर्ती रद्द करने का सही कारण जानने के लिए फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। संवाद
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परीक्षा देने वाले राजेश, अंकित, विजय ने बताया कि इस प्रकार से एकदम भर्ती को रद्द करना बिल्कुल अनुचित है। ऐसे में वह उम्मीद लगाए बैठे थे कि उनका लैब तकनीशियन के पदों पर चयन हो जाएगा लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अचानक भर्ती को रद्द करके उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।