24जेएनडी01: ओपीएस बहाली को लेकर कदम न उठाए जाने पर रोष जताते हुए कर्मचारी। संवाद
जींद। पेंशन बहाली संघर्ष समिति की बैठक शनिवार को जिला प्रधान जोगेंद्र लोहान और महिला विंग प्रधान अनुराधा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। मंच संचालन सज्जन राठी ने किया। राज्य कार्यकारणी से वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनूप लाठर और अनुशासन समिति अध्यक्ष वजीर गांगोली ने शिरकत की।
बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा बजट सत्र में पुरानी पेंशन बहाल न करने से कर्मचारियों ने रोष जताया। निर्णय लिया कि यदि सरकार आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं करती है तो कर्मचारी हिमाचल प्रदेश की तरह वोट फॉर ओपीएस के अभियान को घर-घर तक लेकर जाएंगे। अनूप लाठर ने कहा कि पेंशन आंदोलन को तेज किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इन्होंने कहा कि पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा द्वारा पिछले पांच वर्षों से लगातार धरने, प्रदर्शन, रैलियां, भूख हड़ताल किए जा रहे हैं।
तीन मार्च 2023 को कमेटी की बैठक के बाद कोई बैठक सरकार द्वारा नही बुलाई गई है और ना ही ओपीएस बहाली की तरफ कोई भी उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। इससे प्रदेश के लाखों कर्मियों व अधिकारियों में सरकार के खिलाफ भारी रोष है। अनूप लाठर ने बताया कि समिति द्वारा प्रदेश में ओपीएस आंदोलन को गांव स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। 5200 से अधिक गांव में टीम बनाई गई है। जहां सरकार सबका साथ सबका विकास का नारा दे रही है। वहीं कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। गठबंधन सरकार के ओपीएस बहाली पर नकारात्मक रवैये और डिप्टी सीएम द्वारा ओपीएस बहाली पर की गई वादाखिलाफी से प्रदेश के कर्मचारियों में भारी रोष है। इस अवसर पर नीति सुखीजा, दलबीर गोरिया, विक्रम मेहरा, विकास खटकड़, हरीश शर्मा, बिजेंद्र करेला, विजयपाल फौजी, अनिरुद्ध शर्मा, संदीप पहल मौजूद थे।