जींद। बिजली निगम आगामी दिनों में ग्रामीण क्षेत्र के बिजली नियामक उपाय (पीआरएम) में बदलाव करेग। ग्रामीण क्षेत्र में शाम 5 बजकर 30 मिनट से सुबह छह बजकर 30 मिनट तक सप्लाई मुहैया की योजना है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई दिन के समय नहीं मिलेगी। बिजली सप्लाई केवल रात के समय ही दी जाएगी, क्योंकि खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार हो चुकी है। इसको लेकर खेतों से गुजरने वाली लाइनों में शॉर्ट सर्किट से कहीं आगजनी की घटना न हो जाए। इसको लेकर बिजली निगम ने खेतों से गुजरने वाली लाइनों की सप्लाई दिन के समय रोक दी जाएगी। इसका असर घरेलू सप्लाई, खेतों की सप्लाई पर असर पड़ेगा।
गौरतलब है कि जहां पुराने पीआरएम में बिजली सप्लाई दिन और रात को आती थी, वहीं नए पीआरएम में बिजली सप्लाई केवल रात को ही आएगी। जहां पहले दिन में दोपहर को बिजली सप्लाई शुरू होती थी अब सुबह साढ़े छह बजे तक बिजली सप्लाई चालू रखने की योजना है। इसका असर यह होगा कि ग्रामीण उपभोक्ताओं के बिजली से संबंधित दैनिक कार्य नहीं हो पाएंगे। दैनिक कार्यों को या तो सुबह समय से या फिर शाम के बाद रात को ही करना पड़ेगा। इसके अलावा खेतों में रहने वाले लोगों को भी नए पीआरएम के हिसाब से ही बिजली मुहैया होगी।
पहले मिलती थी 16 घंटे, अब 13 घंटे मिलेगी
नए पीआरएम के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र को मात्र 13 घंटे ही बिजली मिलेगी, क्योंकि बिजली सप्लाई केवल रात के समय ही दी जाएगी और दिन के समय आने वाली बिजली नहीं मुहैया होगी। इससे पहले ग्रामीण क्षेत्र में पूरे 16 घंटे बिजली दी जाती थी।
बिजली निगम जल्द ही ग्रामीण क्षेत्र में नया पीआरएम लागू करेगा। इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं को दिन-रात में 13 घंटे बिजली सप्लाई दी जाएगी। यह फैसला गेहूं की फसल में शॉर्ट सर्किट से लगने वाली आग से बचाने के लिए लिया गया है। -जितेंद्र ढुल, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम, जींद।