27जेएनडी31-हरियाली तीज पर हरियाणवी पोशाक में झूला झुलती महिलाएं। संवाद
पिल्लूखेड़ा। भिड़ताना में हरियाली तीज पर्व पर रविवार को राज्य स्तरीय वन महोत्सव और मां के नाम एक वृक्ष, जीवन के नाम एक संकल्प लिया गया। यह कार्यक्रम सरपंच सुखबीर नरवाल की अध्यक्षता में किया गया। पर्यावरण मित्र संदीप ने अमृत सरोवर ढाब वाला तालाब पर पौधे भी लगाए गए। रोजगार सहायक प्रदीप कुमार ने बताया कि मनरेगा महिलाओं ने झूला झुलकर तीज के गीत गाए। महिलाओं ने 80 वर्षीय साबो ने भी झूला। इस दौरान महिला धूफो, संतोष, बाला, शीला ने हरियाणवी पोशाक पहनी हुई थी। सरपंच सुखबीर नरवाल ने कहा कि हरियाली तीज को कजली तीज भी कहा जाता है, यह उत्सव महिलाओं का उत्सव है। सावन में जब संपूर्ण प्रकृति हरी ओढऩी से आच्छांदित होती है, तो उस अवसर पर महिलाओं के मन मयूर नृत्य करने लगते हैं। वृक्ष की शाखाओं में झूले पड़ जाते हैं। चारों ओर हरियाली होने के कारण इसे हरियाली तीज कहते हैं। तीज उत्सव पर भाई बहनों के घर घेवर व मिठाइयां लेकर जाते हैं।