15जेएनडी11: सम्मेलन में भाग लेते हुए एसएफआई पदाधिकारी। स्रोत संगठन
जींद। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की प्रियदर्शनी इंदिरा गांधी कॉलेज जींद इकाई का सम्मेलन पूजा की अध्यक्षता में हुआ। सम्मेलन का संचालन ऋतु ने किया। नवनिर्वाचित इकाई प्रधान पूजा ने बताया कि सम्मेलन का उद्घाटन एसएफआई की राज्य उपाध्यक्ष मधुबाला ने किया। मधुबाला ने देश-प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और एसएफआई की विरासत पर विचार रखे।
उन्होंने बताया कि आज पूरे देश-प्रदेश में शिक्षा का माहौल छात्रों के अनुकूल नहीं है। भाजपा सरकार ने नई शिक्षा नीति-2020 को लागू कर शिक्षा को बेचने का काम किया है। निजीकरण की नीति अपनाते हुए लगातार छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। इससे गरीब परिवारों के बच्चे स्कूल-कॉलेज जाने में असमर्थ दिखाई दे रहे हैं। कोरोना काल से ही सरकार छात्रों को रियायत देने के बजाय फीस में वृद्धि कर रही है।
ऋतु ने बताया कि एसएफआई की विरासत बहुत पुरानी है। हम अपनी विरासत आजादी के आंदोलन के समय बने पहले संगठित छात्र संगठन एआईएसएफ से मानते हैं। एसएफआई की स्थापना केरल के तिरुवनंतपुरम में 1970 में हुई। यह संगठन पंक्ति में आखरी खड़े व्यक्ति को आगे लाने का प्रयास करता है। एसएफआई हमेशा छात्रों के हक की लड़ाई लड़ता रहा है। एसएफआई के हर आंदोलन में लड़कियों की नेतृत्वकारी भूमिका रही है। मधुबाला ने नौ सदस्यीय कमेटी का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसहमति से पास किया गया। इसमें पूजा को अध्यक्ष, ऋतु को सचिव व ऋतु को उपाध्यक्ष चुना गया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष पूजा ने कहां की छात्राओं को अपनी समस्याओं का समाधान करवाने के लिए संगठित होना पड़ेगा। पीआईजी कॉलेज की छात्राओं से एसएफआई छात्र संगठन का सदस्य बनने की अपील की। उन्होंने छात्राओं की बसों की समस्या व कॉलेज की तमाम समस्याओं का समाधान नहीं करने पर आने वाले समय में आंदोलन करने की चेतावनी दी।
15जेएनडी11: सम्मेलन में भाग लेते हुए एसएफआई पदाधिकारी। स्रोत संगठन