जींद। लघु सचिवालय स्थित सरल केंद्र में सोमवार को आयुष्मान भारत योजना के विस्तार की योजना का शुभारंभ किया गया। इस दौरान हरियाणा के शिक्षामंत्री कंवर पाल गुर्जर ने 100 लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड दिया। 105 पात्रों को गोल्डन कार्ड देने का लक्ष्य था लेकिन इनमें से 100 पात्र ही मौके पर पहुंचे थे। पहले इस योजना में पौने तीन लाख पात्र शामिल थे लेकिन विस्तार के बाद जिले के पांच लाख 89 हजार लोग पात्र हो गए हैं। जिन लोगों की वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये तक है, उन्हें भी अब इस योजना का लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने कहा कि हरियाणा में हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण और विस्तारीकरण कर रही है। इसी कड़ी में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश के ऐसे जरूरतमंद परिवारों को भी लाभ देने की शुरुआत की है जिनके नाम वर्ष 2011 के सामाजिक, आर्थिक और जातिगत जनगणना डाटा में दर्ज नहीं थे। ऐसे सभी व्यक्तियों के आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। गुर्जर ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं हर व्यक्ति का मूल अधिकार है, जो उसे अवश्य मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान गोल्डन के माध्यम से अब दिव्यांगता का भी इलाज हो सकेगा। कहा कि राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश में एसईसीसी सूची में शामिल परिवारों के अलावा ऐसे सभी परिवारों, जिनकी वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये तक है, उन्हें आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। ऐसे लोगों के इलाज पर 5 लाख रुपये तक का खर्च राज्य सरकार करेगी।
इस मौके पर शिक्षा मंत्री ने दीपक, कमलेश देवी, श्यामलाल समेत 100 लोगों को गोल्डन कार्ड वितरित किया। कार्यक्रम में भाजपा के जिला प्रधान राजू मोर, विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा, जिला महामंत्री डॉ. राज सैनी, पूर्व विधायक कलीराम पटवारी, अमरपाल राणा, नगराधीश अमित कुमार, सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान, अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. नवनीत सिंह, मैनेजर विवेक मौजूद रहे।
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अब इलाज के अभाव में नहीं होगी किसी की मौत
शिक्षामंत्री ने कहा कि कई बार इलाज के अभाव के कारण लोगों की मौत हो जाती थी। बीमारी के कारण व्यक्ति इलाज के चक्कर में अपनी जमीन जायदाद व अन्य संसाधन बेचने को मजबूर हो जाता था। अब ऐसे जरूरतमंद लोगों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त में इलाज मिलेगा। इससे जरूरतमंद लोगों की इलाज के अभाव में मौत नहीं होगी। यह योजना लोगों के आर्थिक उत्थान के लिए भी कारगर साबित होगी क्योंकि बीमारी पर लोगों के काफी पैसे खर्च हो जाते थे, जो अब नहीं होंगे।
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पैनल में है 12 सरकारी और 11 निजी अस्पताल
जिले में इस समय आयुष्मान योजना के तहत 12 सरकारी संस्थाएं तथा 11 निजी अस्पताल पैनल से जुड़े हुए हैं। इन स्वास्थ्य संस्थाओं में आयुष्मान भारत योजना का गोल्डन कार्ड दिखाने के बाद इलाज में एक भी पैसा नहीं लगेगा।