संवाद न्यूज एजेंंसी
नरवाना। खराब हुई फसलों के मुआवजे एमएसपी की गारंटी और लखीमपुर में मंत्री के बेटे द्वारा गाड़ी से कुचलकर मारे गए किसानों को न्याय और अन्य लंबित मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर राज्यों की राजधानियों पर डाले जा रहे किसानों के तीन दिवसीय पड़ाव का भारत की जनवादी नौजवान सभा डीवाईएफआई ने भी समर्थन किया है।
डीवाईएफआई की हरियाणा राज्य कमेटी ने निर्णय लिया है कि हरियाणा के सभी कार्यकर्ता इस महापड़ाव के समर्थन में चंडीगढ़ पहुंचेंगे। नौजवान सभा के राज्य सचिव नरेश दनौदा ने बताया कि भाजपा सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चे के साथ दिल्ली समझौते पर विश्वासघात किया है, जिससे किसान फिर से आंदोलन करने पर मजबूर हो रहे हैं।
ट्रेड यूनियनों के नेतृत्व में हजारों मजदूर भी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस महापड़ाव में शिरकत करेंगे। मोदी सरकार प्रत्येक आंदोलन के प्रति अनदेखी हिकारत और दमन का रुख अपना रही है। तमाम लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों को धत्ता साबित करते हुए हिटलरशाही रुख अपनाए हुए है। ऐसे में सभी लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले तमाम संगठनों, पार्टियों और आम जनमानस को एकजुट होकर लड़ने की जरूरत है।