उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जींद ही नहीं पूरे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी है। इसका मुख्य कारण है कि चिकित्सक सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देने की बजाय खुद का अस्पताल चलाना ज्यादा लाभदायक मानते हैं। इसके लिए सरकार ने बांड पॉलिसी में बदलाव किया था, लेकिन उसका विरोध हो गया। दुष्यंत चौटाला ने यह बात पत्रकारों से बातचीत में कही। वह रविवार को जींद में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर रहे थे।
मेडिकल कॉलेज स्टाफ को लेकर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इसके लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को पत्र लिख दिया है। जल्द ही स्टाफ की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नागरिक अस्पतालों की बजाय मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की कमी नहीं होगी, क्योंकि मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के अवसर ज्यादा हैं।
यहां सीखने को बहुत कुछ मिलता है। इसके अलावा यहां अस्पतालों की बजाय ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की भर्ती का कार्य हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग करेगा तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से की जाएगी।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे खिलाड़ियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसमें कानून अपना काम कर रहा है। खिलाड़ियों को न्याय जरूर मिलेगी लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में कुछ समय लग सकता है। सभी लोगों को कानून पर विश्वास होना चाहिए।
उचाना से ही लड़ेंगे चुनाव
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उचाना से चुनाव नहीं लड़ने का सवाल ही पैदा नहीं होता। वह यहीं से चुनाव लड़ेंगे। जींद जिले में करोड़ों रुपये के विकास कार्य करवाए गए हैं। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद यहां विकास के अनेक रास्ते खुलेंगे। चारों तरफ से जींद को राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ा गया है। जल्द ही जींद शहर को भाखड़ा से पीने का पानी मिलेगा। इसके अलावा कुछ अन्य परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है।