जींद। बारिश नहीं होने से जिले में सूखे जैसे हालात हो गए हैं। हालांकि पूरा दिन बादल छाए रहते हैं, लेकिन बारिश नहीं होती। जिले में 25 जून को 40 एमएम बारिश हुई, इसके बाद बारिश नहीं हुई। जिन किसानों ने धान की रोपाई की हुई है, उनको अपनी फसल बचाने में काफी परेशानियां आ रही हैं। बारिश नहीं होने के कारण भंभेवा गांव के किसान काला ने अपनी सात एकड़ धान की फसल पर ट्रैक्टर चला दिया। धान की फसल के लिए वह पानी का इंतजाम नहीं कर पाया।
जिले में लगभग तीन लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई की जाती। अब तक दो लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई हो चुकी है। किसानों को अपनी धान की फसल को जीवित रखने के लिए पानी का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। गांव जाजवान निवासी सुरेंद्र ने भी अपनी दो एकड़ धान की फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया है और उसमें बाजरे की बिजाई का प्रयास कर रहा है। बरसात नहीं होने का असर गन्ने की फसल पर भी पड़ रहा है। गन्ने की फसल को भी पानी की जरूरत होती है। ऐसा पहली बार है कि जुलाई महीने में बारिश नहीं हुई। सावन माह शुरू हो चुका है। सावन माह में तो हर सप्ताह बारिश होती है, लेकिन इस बार सावन माह के छह दिन बीत जाने के बाद भी बारिश नहीं हुई है।
उमस भरी गर्मी कर रही परेशान
शनिवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई वहीं हवा में नमी की मात्रा 75 प्रतिशत रही। हवा में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है। इस समय कूलर भी पूरी तरह से फेल साबित हो रहे हैं। दिनभर लोगों का पसीना सूखने का नाम नहीं ले रहा है। जो लोग एयर कंडीशनर में रहते हैं, केवल उनको ही राहत रहती है, अन्यथा कोई भी व्यक्ति, पशु-पक्षी या पौधा नहीं, जो इस उमस भरी गर्मी से परेशान नहीं हो।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी हो रही पूरी तरह से फेल
इंटरनेट पर प्रतिदिन बारिश दिखाई जा रही है। प्रतिदिन कभी 30 प्रतिशत तो कभी 50 प्रतिशत तक मौसम विभाग इंटरनेट पर बारिश दिखाता है, लेकिन शाम होते-होते यह गायब हो जाती है। शनिवार सुबह 40 प्रतिशत बारिश होने की संभावना थी, लेकिन शाम होते-होते यह पांच प्रतिशत ही रह गई।
प्रतिदिन बारिश होने की संभावना बनी रहती है, लेकिन हवाओं का ऐसा रुख होता है कि बारिश नहीं हो पाती। किसान धान की रोपाई को रोक दें तथा पहले रोपी गई धान का ही ध्यान रखें। अगले दो-तीन दिन में अच्छी बारिश के संकेत हैं। -डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक
27जेएनडी30 : गांव भंभेवा में सूखे पडे़ धान के खेत। संवाद