जींद। जिला नगर योजनाकार मनीष ने बताया कि शहरी क्षेत्र नरवाना में विकसित की जा रही अनाधिकृत कॉलोनियों के विरुद्ध प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिन खसरा नंबरों में बिना लाइसेंस, सीएलयू अथवा एनओसी के अनधिकृत कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। वहां प्लॉटों या छोटे भू-खंडों के रूप में किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री, एग्रीमेंट टू सेल, फुल पेमेंट एग्रीमेंट अथवा पावर ऑफ अटॉर्नी का पंजीकरण न किया जाए। बताया कि नरवाना के राजस्व एस्टेट में खसरा नंबर 336//22,21/2 मीन,342//1मीन,2,10 मीन और खसरा नंबर 158//17, 22, 23, 24, 25/1मीन, 173//1मीन, 2मीन, 3मीन, 4, 5मीन, 6मीन, 7मीन, 14, 15 मीन, 17 मीन, 174//11 मीन तथा में बिना अनुमति के कॉलोनियां विकसित किए जाने की सूचना प्राप्त हुई है। इन मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है। प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि किसी भी भूखंड या प्लॉट की खरीद-फरोख्त से पहले उसकी वैधता की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी परेशानी से बचा जा सके।