फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: जुलाना, जींद और सफीदों में बूंदाबांदी, मंडियों में पड़ा गेहूं भीगा

Fri, 28 Apr 2023 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
विज्ञापन
विज्ञापन
जींद। जिले में वीरवार दोपहर बाद अचानक मौसम खराब होने से किसानों की सांसें थम सी गई। किसानों की गेहूं अब भी खेतों में पड़े है, जबकि 50 प्रतिशत किसानों की तूड़ी भी नहीं बन पाई है। पिछले सप्ताह मौसम खराब होने से गेहूं की कटाई का कार्य बाधित रहा। वहीं जुलाना, सफीदों, जींद, उचाना व नरवाना की अनाज मंडियों में पड़ा गेहूं भीग गया है। मंडियों में अब तक की आवक का 50 प्रतिशत गेहूं का उठान नहीं हो पाया है। जींद की मंडी में तो शेड ही नहीं है। इस कारण यहां पूरी तरह से गेहूं भीग गया है। जिले की विभिन्न अनाजमंडियों में अब तक 5,75,806 मीट्रिक टन की आवक हो चुकी है। इसमें से 3,06,1380 मीट्रिक टन का उठान हो चुका है, जबकि 269426 मीट्रिक टन गेहूं अभी तक मंडी में ही पड़ी है।
विज्ञापन

सुबह के समय मौसम बिल्कुल साफ था। दोपहर बाद तीन बजे के आसपास अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ आंधी शुरू हो गई। लगभग आधे घंटे तक तेज हवाएं चलती रही और आसमान में धूल ही धूल नजर आई। कुछ देर बाद अचानक बूंदाबांदी शुरू हो गई। बूंदाबांदी इतनी अधिक नहीं थी, लेकिन मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं भीग गया। जुलाना की अनाजमंडी में लगभग 22 हजार मीट्रिक टन, जींद की अनाजमंडी में 30 हजार मीट्रिक टन, सफीदों की अनाजमंडी में 28 हजार मीट्रिक गेहूं पड़ा है। जुलाना अनाजमंडी के आढ़ती जगबीर ढिगाना ने कहा कि जुलाना की अनाजमंडी से गेहूं रोहतक जाना था लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण गेहूं का उठान नहीं हो सका और मंडी में ही गेहूं भीग गया। इसमें से काफी गेहूं राजस्थान जाना था लेकिन अधिकारियों ने समय पर गेहूं का उठान नहीं करवाया, जिससे गेहूं भीग गया।
कोट
उठान का कार्य करवाया जा रहा है। पिछले सप्ताह एकदम गेहूं की आवक ज्यादा हो गई थी। जिले में 53 प्रतिशत गेहूं का उठान हो चुका है। जल्द ही गेहूं का उठान करवा दिया जाएगा।
विज्ञापन

निशान राठी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक
कोट
इस सप्ताह पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम खराब रहेगा। इस दौरान गरज व चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। एक-दो जगह मध्यम दर्जे की बारिश भी हो सकती है। तापमान में भी कुछ गिरावट दर्ज की जाएगी।
विज्ञापन

डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें