जींद। सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों ने सोमवार को हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर सुबह 9 से 11 बजे तक हड़ताल की। इस दौरान चिकित्सकों ने ओपीडी नहीं की तो बीएएमएस व एनएचएम के तहत लगे चिकित्सकों ने व्यवस्था संभाली। चिकित्सकों ने इमरजेंसी, डिलिवरी तथा पोस्टमार्टम की सेवा जारी रखी। विशेषज्ञ चिकित्सकों के हड़ताल पर होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 11 बजे हड़ताल खत्म करने के बाद ही मरीजों को देखा। हड़ताल को लेकर जिलाभर के चिकित्सक नागरिक अस्पताल के मुख्य गेट पर एकत्रित हुए और रोष जताया। एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. बिजेंद्र ढांडा, डॉ. संदीप लोहान, डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि स्पेशलिस्ट कॉडर, पीजी कोर्स के बांड में कमी, एसएमओ की सीधी भर्ती रोकने और केंद्रीय सरकारी चिकित्सकों के समान एसीपी भत्तों की मांग पूरी नहीं होने के कारण हड़ताल पर जाना पड़ा।
डॉ. संदीप लोहान ने कहा कि मेडिकल ऑफिसर के 3900 पदों में से 1100, एसएमओ के 636 पदों में से 250 और निदेशक के 8 में से 5 पद खाली हैं। राज्य के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की भारी कमी है। स्पेशलिस्ट कॉडर का प्रस्ताव वित्त विभाग में चार महीने से अटका हुआ है। पीजी बॉन्ड की राशि में कमी का प्रस्ताव भी छह महीने से लंबित है। एमओ से एसएमओ के नियमित पदोन्नति की फाइल भी डेढ़ साल से देरी से चल रही है। जो चिकित्सक 2002 में एमओ थे वह अभी भी पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं।
1950 ओपीडी हुई, स्पेशलिस्ट के लिए तीन घंटे तक भटके मरीज
हड़ताल के बावजूद नागरिक अस्पताल में 1950 ओपीडी हुई। इसके विपरीत सामान्य दिनों में 1500 ओपीडी होती थी। सोमवार को सुबह ही मरीज अस्पताल पहुंचने लगे थे। दो घंटे की हड़ताल की वजह से अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ लग गई।
पैर के दर्द का इलाज करवाना आया था
कई दिन से पैर में दर्द है। इसकी वजह से चलने-फिरने में असमर्थ हूं। पैर का उपचार करवाने के लिए आया तो पता चला कि चिकित्सक हड़ताल पर हैं। एक घंटे से बैठा हूं। हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहा हूं। इससे उनको परेशानी हो रही है। -भरथूराम, भूपेंद्र नगर।
गले में परेशानी है
दो दिन से गले में दिक्कत है। आज अस्पताल आई आई तो पता चला कि चिकित्सक हड़ताल पर हैं। मैं सुबह साढ़े नौ बजे अस्पताल आई थी, लेकिन एक घंटा बीतने के बाद भी मेरा उपचार नहीं हुआ। इससे मुझे परेशानी का सामना करना पड़ा। -बीरमती, रामनगर।
पौत्री को हो रही उल्टी-दस्त
मेरी पौत्री को उल्टी-दस्त हो रही है। इससे वह लगातार कमजोर हो रही है। अस्पताल में चिकित्सक नहीं होने के कारण दोनों परेशान हैं। एक घंटे से चिकित्सकों के दरवाजे पर इस उम्मीद से बैठे हैं कि हड़ताल खत्म हो और उपचार करवा सकें। -संतोष, निडाना।
मेडिकल के लिए भटकते दिखे युवा
राजेश और कर्मजीत ने बताया कि उनका सेलेक्शन केंद्र सरकार की सेवा में हुआ है। वह मेडिकल करवाने के लिए आए थे, लेकिन चिकित्सक हड़ताल पर हैं। वह मेडिकल प्रक्रिया को पूरा करवाना चाह रहे थे, लेकिन 11 बजे के बाद ही प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।
मरीजों के इलाज के लिए बनाई थी व्यवस्था
चिकित्सकों की हड़ताल को लेकर जानकारी उच्च अधिकारियों को उपलब्ध करवा दी गई थी। अस्पताल में इमरजेंसी, पोस्टमार्टम और डिलिवरी की सेवाओं को सुचारु रखा गया है। इसके अलावा बीएएमएस व एनएचएम के तहत लगे चिकित्सकों से मरीजों का उपचार किया। व्यवस्था का जायजा लेने के लिए खुद अस्पताल का तीन बार निरीक्षण किया। सामान्य बीमारियों के मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी गई। -डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन, जींद।
15जेएनडी19: नागरिक अस्पताल में फिजिशियन चिकित्सक के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
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