नरवाना के धमतान साहिब गांव में चार दिन से शव रखकर जाम लगाकर बैठे ग्रामीणों व प्रशासन के बीच शनिवार दोपहर को बातचीत हुई। इसमें प्रशासन ने बिजली निगम के एसडीओ समेत सभी कर्मचारियों को तुरंत गिरफ्तार करने, परिवार को उचित मुआवजा देने तथा ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मामलों को रद करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को उठा लिया और अंतिम संस्कार करने के लिए ले गए।
चार दिन बाद होगा सुरेश के शव का अंतिम संस्कार, प्रशासन ने मानी ग्रामीणों की मांग
बताते चलें कि 13 फरवरी को बिजली निगम की टीम ने गांव धमतान साहिब में बिजली चोरी पकडऩे के लिए छापा मारा था। इसमें सुरेश के घर भी बिजली निगम की टीम गई थी। ग्रामीणों ने टीम पर हमला कर दिया था। इसमें एक एसडीओ तथा एक जेई घायल हो गए थे। पुलिस ने एसडीओ की शिकायत पर 15 ग्रामीणों को नामजद करते हुए 50 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
बिजली कर्मचारियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया
15 फरवरी को सुबह धमतान साहिब निवासी 50 वर्षीय सुरेश ने ट्रेन के नीचे आकर आत्महत्या कर ली थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुरेश ने बिजली निगम के कर्मचारियों की प्रताडऩा से तंग आकर आत्महत्या की है। पुलिस ने मृतक के चचेरे भाई की शिकायत पर एसडीओ, दो जेई, दो एएलएम, एक चालक तथा एक हेडकांस्टेबल के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया था।
15 फरवरी को शाम को ग्रामीणों ने शव को धमतान साहिब गांव के पास नरवाना-टोहाना मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया था और बिजली कर्मचारियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की थी। प्रशासन ने एक बार बातचीत भी की लेकिन कोई बात नहीं बनी। शुक्रवार को कई खापों के लोग भी धरना स्थल पर पहुंच गए थे और प्रशासन को शनिवार 12 बजे का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि यदि सभी मांगें नहीं मानी तो वह रेलवे ट्रेक को जाम कर देंगे।
परिजनों को उचित मुआवजा भी देगा प्रशासन
शनिवार सुबह 11 बजे खुद डीसी डॉ. मनोज कुमार, एसडीएम अनिल दून, एएसपी रवि खुंडिया, कुलदीप सिंह ने ग्रामीणों से बातचीत की तथा आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। इसके अलावा परिवार के लोगों को मुआवजा भी दिया जाएगा। ग्रामीणों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे। इसके बाद ग्रामीण मान गए और शव का अंतिम संस्कार करने के लिए ले गए। फिलहाल सड़क मार्ग पर लगा जाम खुल गया है। इससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।