30जेएनडी10: कथा में वामन अवतार का प्रसंग सुनाते स्वामी कैवल्यानंद सरस्वती महाराज। स्रोत: आयोजक
सफीदों। पितृ पक्ष के उपलक्ष्य में श्री कृष्ण भक्ति भागवत समिति की ओर से ऐतिहासिक नागक्षेत्र सरोवर परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में बुधवार को श्रद्धालुओं ने वामन अवतार, राजा बलि के समर्पण और गंगा अवतरण की कथा का श्रवण किया। कथा व्यास पीठाधीश्वर परम स्वामी कैवल्यानंद सरस्वती महाराज ने धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से भक्ति, त्याग और समर्पण का महत्व बताया। उन्होंने वामन अवतार का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान विष्णु ने वामन रूप धारण कर राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी। दान की स्वीकृति मिलने पर भगवान ने विराट रूप धारण कर दो पग में समस्त लोकों को नाप लिया। तीसरे पग के लिए स्थान पूछने पर राजा बलि ने अपना शीश भगवान के चरणों में अर्पित कर दिया। महाराज ने कहा कि सच्ची भक्ति में अहंकार का कोई स्थान नहीं होता। कथा में राजा भगीरथ की तपस्या और मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का प्रसंग भी सुनाया गया। भगवान शिव ने गंगा के वेग को अपनी जटाओं में धारण कर पृथ्वी पर उतारा। इसके बाद श्रीराम जन्म की लीला का वर्णन किया गया।