फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: डेंगू का बढ़ रहा प्रकोप, चार नए मामले आए सामने

Thu, 09 Nov 2023 11:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
विज्ञापन
09जेएनडी26 : शहर की कॉलोनियों में बुखार पीड़ित लोगों की रक्त स्लाइड बनाते स्वास्थ्य कर्मचारी। स
विज्ञापन
जींद। जिले में डेंगू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार शाम को स्वास्थ्य विभाग को चार लोगों में डेंगू की पुष्टि की रिपोर्ट मिली। इसके साथ ही जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 302 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार डेंगू, चिकनगुनिया तथा अन्य मच्छर जनित बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक कर रही हैं। नागरिक अस्पताल में तीन महीने से तैयार ब्लड सेपरेशन यूनिट आज तक शुरू नहीं हो पाई। जिन मरीजों को प्लेटलेट्स की जरूरत होती है वह हिसार या फिर रोहतक के अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विजेंद्र ढांडा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को बुधवार शाम हनुमान नगर निवासी 24 वर्षीय युवती, अर्बन एस्टेट निवासी 37 वर्षीय महिला, धरौदी निवासी 23 वर्षीय युवती, बेलरखां निवासी 55 वर्षीय महिला की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव मिली है। परिवार के लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भिजवाए गए हैं। इसके अलावा मरीजों के घरों में फॉगिंग करवाई जा रही है। उधर स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अर्बन एस्टेट, हनुमान नगर, रामबीर काॅलोनी, ओमनगर समेत आधा दर्जन कॉलोनियों में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। डेंगू पीड़ित परिवारों के घर जाकर उनके रक्त के नमूने लिए गए हैं। इसके अलावा 19 बुखार पीड़ित लोगों के भी रक्त के नमूने लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यदि सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार, उल्टियां लगने, गर्मी लगने, बुखार एक दिन छोड़कर दूसरे दिन आने, उल्टी दस्त होने, शरीर में कमजोरी आने पर मरीज को तुरंत अपने आसपास के स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पास जाकर खून की जांच करवानी चाहिए।
वर्ष 2015 में आए थे सबसे अधिक डेंगू के मामले
जिले में सबसे ज्यादा वर्ष 2015 में 668 डेंगू के मामले सामने आए थे। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान से साल दर साल डेंगू का प्रकोप कम होता चला गया। स्वास्थ्य विभाग को वर्ष 2016 में 156, 2017 में 135, 2018 में 98, 2019 में 47, 2020 में 28, तथा 2021 में 622, वर्ष 2022 में 535 मामले मिले थे। वर्ष 2023 में अबतक 302 मामले मिल चुके हैं।
विज्ञापन

तीन महीने बाद भी शुरू नहीं हो पाई ब्लड सेपरेशन यूनिट
नागरिक अस्पताल में तीन महीने पहले ब्लड सेपरेशन यूनिट स्थापित की गई थी। स्वास्थ्य निदेशालय की टीम ने निरीक्षण करके इसे हरी झंडी भी दे दी थी, लेकिन आज तक इस यूनिट को चलाने के लिए ब्लड बैंक प्रभारी को लाइसेंस नहीं मिला है। डेंगू में मरीज की प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। ब्लड सेपरेशन यूनिट रक्त से प्लेटलेट्स को अलग करती है। यदि यह मशीन शुरू हो जाए तो जो मरीज प्लेटलेट्स के लिए हिसार या फिर रोहतक जाते हैं, उनको नागरिक अस्पताल में ही यह सुविधा मिल जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को जागरूक कर रहा है। ब्लड सेपरेशन यूनिट पूरी तरह से तैयार है, लेकिन अभी तक लाइसेंस नहीं मिला है। जल्द ही लाइसेंस मिल जाएगा और लोगों को यह सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन

डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें