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जगह-जगह जमा बारिश के पानी में पनप रहा डेंगू का मच्छर, प्रशासन बेखबर

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पुराने बस स्टैंड के सामने एक महीने से खड़ा बरसाती पानी, जिस पर पनप रहे मच्छर। संवाद। - फोटो : Jind
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जींद। शहर में पिछले 15 दिन से जगह-जगह जमा बारिश का पानी अक्तूबर महीने के लिए डेंगू के मच्छर तैयार कर रहा है। इस पानी की तरफ न तो स्वास्थ्य विभाग का ध्यान है और न ही नगर परिषद का। आज तक इस पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं हुई है। इस पानी में नगर परिषद या स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई केमिकल भी नहीं डाला गया है ताकि यहां पनप रहा डेंगू का लार्वा खत्म किया जा सके।
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पिछले वर्ष अगस्त महीने में हुई बारिश के बाद अक्तूबर महीने में एकदम डेंगू के मामले सामने आने शुरू हुए थे, जो दिसंबर तक आते रहे। यदि इस बार भी प्रशासन कई दिनों से खड़े पानी की तरफ ध्यान नहीं देगा तो पिछले वर्ष जैसा ही हाल होगा वैसे पिछले दो महीने से स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक कर रही हैं। इसके अलावा घरों में रखे बर्तन, कूलर, टायर, पानी की टंकियों की जांच भी की जा रही है लेकिन विभिन्न कॉलोनियों में जमा पानी की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। यहां 15-15 दिन तक पानी जमा रहता है। इस पानी में डेंगू का लार्वा को पनपने का खूब मौका मिलता है। इसके अलावा शहर में कई स्थानों पर सीवरेज का गंदा पानी जमा रहता है। इस पानी में भी मच्छर आसानी से पनपते हैं। जिन घरों में डेंगू के मामले मिलते हैं, उनके आसपास के घरों में स्वास्थ्य विभाग ने फॉगिंग करवाई है लेकिन इस पानी पर आज तक किसी ने मिट्टी का तेल या काला तेल नहीं डाला है। इस पानी में पनपने वाले मच्छर ही डेंगू का कारण बनते हैं। यहां से मच्छर उड़कर अन्य स्थानों पर चले जाते हैं और अन्य जगह अपना लार्वा छोड़ देते हैं। इसके अलावा कई दिनों से जमा पानी में लार्वा अपने आप भी पनपने लगता है।
पिछले वर्ष भी अगस्त में हुई बारिश के बाद अक्तूबर में आए थे डेंगू के मामले
पिछले वर्ष जिले में डेंगू के 622 मामले सामने आए थे। पिछले वर्ष अगस्त महीने में बारिश हुई थी और कई स्थानों पर बारिश का पानी कई-कई दिनों तक जमा रहा था। इसके बाद अक्तूबर महीने के पहले दिन ही डेंगू के केस आने शुरू हुए थे। अक्तूबर से लेकर दिसंबर तक डेंगू के 622 मामले आए थे, जबकि नवंबर व दिसंबर में बारिश भी नहीं हुई थी। डेंगू के लार्वा को पनपने का सबसे उपयुक्त समय अगस्त महीना ही है। इसके बाद मच्छरों की संख्या बढ़ती जाती है।
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अब तक दो डेंगू पॉजिटिव आए हैं
स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 350 लोगों की जांच की है। इनमें से दो डेंगू के मामले सामने आए हैं। यदि दोनों ही मामले जुलाई महीने में आए हैं। इनमें से एक ग्रामीण क्षेत्र तथा एक शहरी क्षेत्र का मामला था। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 240 लोगों को लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किए हैं जबकि 250 स्थानों पर लार्वा मिल चुका है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लगातार लोगों के घरों में जाकर जांच कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सप्ताह में एक दिन ड्राई-डे मनाने का अनुरोध भी किया है।
नगर परिषद ने शहर के कुछ वार्डों में पार्षदों की मांग पर फॉगिंग करवाई है। इसके अलावा सभी पार्षदों से भी फॉगिंग करवाने की डिमांड भेजने को कहा है। कोई भी पार्षद अपने वार्ड में फॉगिंग करवा सकता है। काफी स्थानों पर सीवरेज की समस्या के कारण पानी जमा है। इन स्थानों पर भी फॉगिंग करवाई जा रही है।
-सुशील कुमार, ईओ, नगर परिषद।
शहर में फॉगिंग की जिम्मेदारी नगर परिषद की है। गांवों में ग्राम पंचायत फॉगिंग करवाती हैं। इसके अलावा कॉलोनियों में घरों के सामने जमा पानी पर स्वास्थ्य विभाग ने केमिकल भी डाले हैं। सार्वजनिक स्थानों पर खड़े पानी में केमिकल डालने का काम नगर परिषद का है। जिन लोगों को अब तक डेंगू हुआ है, उनके घरों तथा आसपास के घरों में स्वास्थ्य विभाग ने फॉगिंग करवा दी है।
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-डॉ. विजेंद्र ढांडा, जिला मलेरिया अधिकारी।
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