जींद। जिले में डेंगू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वीरवार को जींद शहर के विजय नगर तथा नरवाना के खरल गांव में डेंगू का एक-एक मामला मिला। जिले में अब डेंगू के केसों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने जिन घरों में डेंगू के मामले मिले हैं, उनके फॉगिंग करवा दी है। वहीं स्वास्थ्य कर्मचारियों ने शहर के साथ-साथ गांवों में जाकर लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक किया। वहीं वीरवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सात लोगों नोटिस भी जारी किए।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वीरवार को रामनगर, लक्ष्मी नगर, गुरुद्वारा कॉलोनी, विजय नगर, राम कॉलोनी में घर-घर जाकर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया तथा डायरिया के बारे में लोगों को जागरूक किया। स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा और रामकुमार जांगड़ा के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बुखार के 26 मरीजों की रक्तपटिकाएं बनाकर जांच के लिए लैब में भिजवाई। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नियमित टीकाकरण करने के अलावा कोविड टीकाकरण भी किया। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने लोगों को बुखार होने पर बिना जांच के कोई भी दवाई लेने की बजाय तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र मे जाकर डेंगू की जांच करवाने की अपील की ताकि सही व समय पर उपचार हो सके। निरीक्षक राममेहर वर्मा ने बताया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति थोड़ी सी सावधानी करके अपने घर तथा आसपास की सफाई करते हुए गड्ढों, खाली पड़े टायरों और गमलों में गंदा पानी खड़ा न होने दे, पानी के बर्तनों को ढक कर रखें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, पूरी बाजू के कपड़े पहने, सप्ताह मे एक बार कूलर, फूलदान, पशु और पक्षियों के पानी के बर्तनों तथा होदी को सूखाकर ही भरें। उन्होंने डेंगू के लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि तेज बुखार होना, अचानक सिर दर्द होना, मांसपेसियों तथा जोड़ों मे दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना डेंगू के लक्षण हैं।
इस अवसर पर निरीक्षक रामकुमार, बिमला देवी, ओमप्रकाश, अमरजीत, प्रदीप, दिनेश, जगदीप, गुरनाम, मंजू रानी, रानी देवी, मुकेश रानी, नीलम, अंजू, राधा, शीला, सुमन, पूनम, अशमीना, सोनिया, आरती, राजरानी, उर्मिला, सीता, सविता, संतोष, प्रवीन कुमारी मौजूद रही।