30जेएनडी34-एमपीएचडब्ल्यू आत्महत्या मामले की जांच को लेकर ज्ञापन सौंपती महिला कर्मचारी। स्रोत सं
जींद। महिला एमपीएचडब्ल्यू आत्महत्या मामले की उच्चस्तरीय जांच को लेकर बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कर्मचारी समिति की प्रदेशाध्यक्ष सुशीला ढांडा और वित्त सचिव राजबाला शर्मा की अगुवाई में जिला प्रधान सुनीता देवी, सचिन गीता, उपप्रधान कांता देवी ने सोमवार को सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल को ज्ञापन सौंपा।
जिला प्रधान सुनीता और गीता ने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट को नियमानुसार कंप्यूटर ऑपरेटर से ऑनलाइन करवाने के बजाय गैर कानूनी ढंग से महिला कर्मचारियों को करने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जबकि एमपीएचडब्ल्यू फीमेल के पास कोई अन्य सुविधा नहीं है। यह सब कार्य उन्हें अपने निजी फोन से करना पड़ता है। यहां तक की आशा वर्कर के दबाव बनाने की कोशिश की जा जाती है, जिसके चलते यह उदाहरण सामने है। उन्होंने कहा कि यदि महिला स्वास्थ्य कर्मचारी के परिवार को न्याय नहीं मिला तो दस अक्तूबर को संघ दोबारा राज्यस्तरीय बैठक करके प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा। इस दौरान उप सिविल सर्जन डॉ. पालेराम कटारिया, उप सिविल सर्जन डॉ रमेश पांचाल भी मौजूद रहे।
30जेएनडी34-एमपीएचडब्ल्यू आत्महत्या मामले की जांच को लेकर ज्ञापन सौंपती महिला कर्मचारी। स्रोत सं