जींद। भिवानी रोड पर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक के परिजनों ने आरोप लगाया कि नशा मुक्ति केंद्र संचालकों तथा स्टाफ की लापरवाही से उनके बच्चे की मौत हुई है। शहर थाना पुलिस ने मृतक के ममरे भाई की शिकायत पर नशा मुक्ति केंद्र संचालक समेत चार लोगों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है।
हैबतपुर गांव निवासी 31 वर्षीय सुमित चिट्टे का नशा करता था। परिजनों ने उसकी लत छुड़ाने के लिए दो मई को भिवानी रोड स्थित नशा मुक्ति केंद्र सेवाधाम में भर्ती करवाया था। जहां पर रविवार सुबह सुमित की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के ममेरे भाई सोनू ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सुबह सुमित की तबीयत खराब हो गई थी। इस दौरान नशामुक्ति केंद्र में उसके हाथ व पैर की मसाज करने के बाद कुछ समय के लिए उसे होश आ गया था। इसके बाद फिर से तबीयत बिगड़ गई। इस पर उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र संचालक व स्टाफ से कहा कि सुमित को चिकित्सक के पास ले जाएं, लेकिन उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया। इसके कुछ समय बाद फिर से उसके भाई सुमित को दौरा पड़ा। नशा मुक्ति केंद्र संचालक बहाना बनाने की बात कहकर उनकी बातों को अनसुना करते रहे। बार-बार कहने के बाद भी नशा मुक्ति केंद्र का स्टाफ सुमित को अस्पताल नहीं ले गया। नशा मुक्ति केंद्र संचालक व स्टॉफ की लापरवाही से सुमित की मौत हो गई। शहर थाना के जांच अधिकारी नरेंद्र ने बताया कि सोनू की शिकायत पर नशा मुक्ति केंद्र संचालक संदीप, गौरव, निशांत, यादवेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।