जींद। जिले में सोमवार को हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में औसतन 12 एमएम बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा जींद में 23 एमएम बारिश दर्ज की गई। उचाना क्षेत्र के कई गांवों में ओलावृष्टि हुई। जींद के राजपुरा भैण, रामराय, ईंटल कलां, ईंटल खुर्द में भी हल्की ओलावृष्टि हुई है। तेज हवाएं चलने से गेहूं की फसल खेतों में बुरी तरह से गिर गई है। इससे उत्पादन पर लगभग 10 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान होगा। सरसों की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। अनाजमंडी में पड़ी सरसों की फसल भीग गई है। कुछ किसानों ने अपनी फसल को तिरपाल से भी ढका लेकिन फसल के नीचे से पानी आने से यह भीग गई है। तापमान में भी तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
सुबह मौसम बिल्कुल साफ था। दोपहर होते-होते आसमान में काले बादल छाने लगे और तेज हवाएं चलने लगी। तेज हवा के साथ धूल उड़ने लगी। लगभग चार बजे बारिश शुरू हो गई। उचाना क्षेत्र के कुछ गांवों व जींद के कुछ गांवों में पहले बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। सबसे ज्यादा जींद में 23 एमएम, नरवाना में दस, सफीदों में पांच, जुलाना में 22, उचाना में दस, पिल्लूखेड़ा में सात तथा अलेवा में 15 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। मंगलवार को भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई जा रही है।
उचाना व जींद की अनाज मंडी में भीगी सरसों व कपास की ढेरियां उचाना व जींद की अनाजमंडी में रखी गई सरसों की फसल भीग गई गई। वहीं उचाना अनाज मंडी में कपास की फसल भी आई थी, जो भीग गई। दोपहर बाद बारिश आने से मंडी में सरसों व कपास के तोल का काम करते पल्लेदारों की ओर से तिरपालों से ढकना पड़ा। मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र कुंडू ने बताया कि उचाना की अनाज मंडी में करीब 16 हजार 24 क्विंटल सरसों की फसल की खरीद हो चुकी है।
अलेवा क्षेत्र में ओलावृष्टि से गेहूं की फसल गिरी, सरसों की फसल को ज्यादा नुकसान नगूरां समेत अलेवा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सोमवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश तथा ओलावृष्टि से किसानों के माथे पर चिंता लकीरें खींच गई है। बारिश के साथ ओलावृष्टि से जहां खेतों में गेहूं की फसल गिर गई है, वहीं सरसों की फसल को भी ज्यादा नुकसान हुआ है। किसान मनबीर, हवा सिंह, विकास, लहरी राम, संदीप आदि ने बताया कि सोमवार दोपहर बाद नगूरां, बधाना, बिघाना, दुड़ाना, डाहौला, चांदपुर आदि गांव में अचानक मौसम में बदलाव हुआ और तेज हवा तथा ओलावृष्टि के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश का सबसे ज्यादा असर गेहूं व सरसों की फसल पर दिखाई दिया।
कोट
मंगलवार को भी मौसम खराब रहने की आशंका है। बेमौसमी बारिश होने से फसलों को नुकसान हुआ है। सरसों की फसल को ज्यादा नुकसान की आशंका है। गेहूं की जो फसल गिर गई है, उसमें भी 10 से 15 प्रतिशत तक नुकसान है।
डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा।