सिटी सिंबल रानी तालाब के सौंदर्यीकरण को शुरू होने से पहले ही झटका लगा है। रानी तालाब पर प्रशासन द्वारा लगाई गई लाइटों की करीब दो दर्जन फैंसी लाइटें चोरी हो गई हैं।
इनकी कीमत करीब साढ़े चार लाख रुपये बताई जा रही हैं। हैरानी की बात है कि इस बारे में अभी तक कोई एफआईआर तक नहीं करवाई गई है।
रानी तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए करीब चार साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने छह करोड़ रुपये की राशि जारी की थी। रानी तालाब के अंदर की ओर चारों ओर पगडंडी बनाई गई है, जिस पर शैलानी चल सकें। इसी रास्ते पर अधिक लाइटें लगाई गई हैं।
इस राशि से सौंदर्यीकरण का काम करीब पूरा हो चुका है। यहां लगी संपत्ति की सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। जिसका फायदा उठाकर चोर महंगी लाइटों पर हाथ साफ कर रहे हैं।
सफाई करने के दौरान लगी चोरी की जानकारी
लाइटें चोरी होने की जानकारी शनिवार सुबह यहां सफाई करते हुए घास में पाइप मिलने से मिली है। टीम अन्ना और अन्य संस्थाओं द्वारा रानी तालाब की सफाई की जा रही है। इसमें जेसीआई पार्क की ओर से चार से पांच, एसडी स्कूल की ओर से सात से आठ लाइटें चोरी हुई हैं। पूरे पार्क से करीब 25 लाइटें चोरी हुई हैं।
18 हजार रुपये की एक लाइट
टीम अन्ना के अनुसार चोरी हुई लाइटें काफी महंगी हैं। पीडब्लूडी अधिकारियों ने बताया है कि एक लाइट की कीमत करीब 18 हजार रुपये है। यहां से करीब 25 लाइटें चोरी हुई हैं।
कमेटी नहीं कर रही देखभाल
भूतेश्वर मंदिर और रानी तालाब के रखरखाव के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी का गठन कई साल पहले किया गया था। इसमें जिला के एक बड़े अधिकारी भी शामिल हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि कमेटी रानी तालाब का सही रखरखाव नहीं कर रही है।
मामले की ली जाएगी जानकारी
पिछले दिनों लाइटें चोरी होने का मामला सामने आया था। इसके बाद पीडब्लूडी को रानी तालाब हैंडओवर करने तक लाइटें उतार कर रखने के लिए कहा गया था। इसके बाद भी लाइटें चोरी हुई हैं तो यह गंभीर मामला है और इसकी जांच करवाई जाएगी।
विनय सिंह डीसी जींद।