फर्जी कॉल सेंटर के लिए वेबसाइट बनाने वाले सतीश को जींद साइबर थाना पुलिस ने दो दिन के रिमांड के बाद बुधवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। अब कॉल सेंटर से गिरफ्तार किया गया आरोपी लक्ष्य पांच दिन के रिमांड पर चल रहा है। साइबर थाना पुलिस ने पांच दिन पहले नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा था, जिसमें सात लोग काबू किए गए थे। इनमें से लक्ष्य रिमांड पर चल रहा है, जबकि मुख्य आरोपी सौरभ फरार है।
गाजियाबाद निवासी सतीश फर्जी कॉल सेंटर के लिए जो वेबसाइट बनाता था, वह बिलकुल असली कंपनियों की तर्ज पर बनाता था। यह लोग फर्जी वेबसाइट बनाकर उसपर इतनी सर्फिंग कर देते थे कि कोई भी व्यक्ति किसी कंपनी का हेल्पलाइन नंबर सर्च को तो वही साइट सामने आए। उसी से वह हेल्पलाइन नंबर ले और इस गिरोह के चंगुल में फंस जाए। इसके बाद यह लोग हेल्प मांगने वाले व्यक्ति से ओटीपी और आधार नंबर शिकायत का समाधान करने के बहाने ले लेते थे, जिससे व्यक्ति ठगा जाता था।
सर्फिंग इतनी करते कि सर्च करने पर पहले यही साइट दिखाता नेट
फर्जी कॉल सेंटर के लिए सतीश जो साइट बनाता था, उस पर यह लोग बहुत ज्यादा सर्च करते रहते थे। ज्यादा सर्फिंग होने के कारण यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी कंपनी का हेल्पलाइन नंबर सर्च करता तो इनकी बनाई हुई साइट पर लिखा हेल्पलाइन नंबर ही सबसे पहले सर्च में आता। इसी कारण इनको ठगी का शिकार बनाने में आसानी रहती।
मुख्य आरोपी की पुलिस तलाश कर रही है। फर्जी वेबसाइट बनाने वाले सतीश को रिमांड के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया। एक आरोपी लक्ष्य फिलहाल रिमांड पर चल रहा है। जल्द ही मुख्य आरोपी सौरभ को भी काबू कर लिया जाएगा।
-पूजा देवी, साइबर थाना प्रभारी, जींद।