हरियाणा के जींद शहर से बाहर हाईवे पर स्थित ढाबे के बंद पड़े सीवर की सफाई करने उतरे 4 कर्मचारियों में एक की रात को पीजीआई रोहतक में उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरे की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया। पुलिस ने मंगलवार को मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
सोमवार शाम को हाईवे पर स्थित ढाबे का सीवर जाम हो गया। इस पर काम करने वाले कर्मचारी गांव लोहचब निवासी विक्की, महेश, उत्तरप्रदेश के बहराइच निवासी मुंशी तथा असम निवासी अनार सफाई करने के लिए सीवर में उतर गए। सबसे पहले सीवर में महेश उतर था, जिसे निकालने के लिए विक्की भी नीचे उतर गया। वह भी अंदर ही रह गया।
जब अनार नीचे पहुंच तो उसके साथ ही मुंशी भी नीचे उतर गया। चारों की हालत खराब होने लगी। मुंशी तथा अनार ने शोर मचाया तो वह तत्काल अन्य कर्मचारी आ गए और चारों को बाहर निकाला। चारों को शाम को ही नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
यहां चिकित्सकों ने महेश व विक्की की हालत को गंभीर देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया जबकि मुंशी तथा अनार का नागरिक अस्पताल में ही उपचार किया गया। मुंशी तथा अनार को रात को नागरिक अस्पताल से छुट्टी मिल गई जबकि 19 वर्षीय गांव लोहचब निवासी विक्की की रात को पीजीआई रोहतक में उपचार के दौरान मौत हो गई। सिविल लाइन थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने इस मामले में इत्तेफाकिया कार्रवाई की है।
रात को नागरिक अस्पताल में दाखिल मुंशी और अनार के बयान दर्ज किए गए थे। दोनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया। पीजीआई में मृतक विक्की के परिजनों ने भी किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया। इसलिए इत्तेफाकिया कार्रवाई करके शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। महेश की हालत काफी गंभीर है। वह बयान देने की हालत में फिलहाल नहीं है।
-नवीन मोर, सिविल लाइन थाना प्रभारी।