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होटल में मृत पाए गए व्यवसायी दालमवाला, हत्या की आशंका

Sun, 14 May 2017 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो जींद
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घटना स्थल पर पहुंचे एसएसपी शशांक आनंद। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर के प्रसिद्ध व्यवसायी और राजनेता बलवंत सिंह दालमवाला शनिवार को होटल में मृत पाए गए। उनकी कनपटी में गोली लगी थी। जिस समय घटना हुई उस कमरे में दो और लोग सोए थे। उनका कहना है कि बलवंत ने आत्महत्या की है। पुलिस भी पहली नजर में आत्महत्या मान रही है, लेकिन मौके पर मौजूद साक्ष्य परिस्थिति को संदिग्ध बना रहे हैं। आशंका है कि किसी ने उनकी हत्या की है। हालांकि, दालमवाला के बेटे मोहित ने फरीदाबाद के एक व्यक्ति पर पिता को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएसपी शशांक आनंद ने डीएसपी कप्तान सिंह के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया है।
पुलिस के अनुसार गांव दालमवाला निवासी व्यवसायी और राजनेता बलवंत दालमवाला शनिवार को रोहतक रोड बाईपास पर फाटक से थोड़ी दूरी पर एक होटल में ठहरे थे। इस दौरान उसके पास गांव दालमवाला निवासी प्रदीप और देवीलाल भी थे। दोपहर को तीनों खाना खाकर सो गए। इसी दौरान होटल संचालक की रखी डोगा गन से गोली चल गई। गोली बलवंत की कनपटी से होते हुए आंख के पास से होकर निकल गई। इस दौरान उसके पास सो रहे प्रदीप और देवीलाल ने एंबुलेंस को बुलाया, लेकिन तब तक बलवंत की मौत हो चुकी थी। बाद में घटना की सूचना पाकर बलवंत के परिवार के लोग और शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए। दालमवाला के बेटे मोहित ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पिता का फरीदाबाद निवासी अतुल गर्ग से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। अतुल गर्ग उसके पिता को फोन पर धमकी देता था। उसी परेशानी के कारण उसने पिता ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शिकायत के आधार पर फरीदाबाद निवासी अतुल गर्ग के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के बोर्ड से करवाया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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डिप्रेशन में था मेरा चाचा
जिस समय बलवंत सिंह दालमवाला की मौत हुई उस समय कमरे में सो रहे गांव दालमवाला निवासी प्रदीप ने बताया कि उसके चाचा का फरीदाबाद के अतुल गर्ग से दिल्ली की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। मामला अदालत में विचाराधीन था। इसकी अदालत में अग्रिम जमानत में खारिज हो गई। इसी को लेकर शुक्रवार को पुलिस घर पर पहुंची थी। उस समय उसके चाचा बाहर गए थे। जैसे ही उनको पुलिस के आने का पता चला तो वह डिप्रेशन में आ गए। इसलिए वह शुक्रवार शाम को घर की बजाय होटल में रुक गए। रात को खाना खाकर सो गए और वह घर पर चला गया। सुबह फोन करके उसे वापस होटल बुला लिया। दोपहर को तीनों ने ताश खेलकर और खाना खाकर सो गए। इस दौरान चाचा बलवंत दालमवाला बेड पर सो रहे थे, जबकि प्रदीप और देवीलाल नीचे जमीन पर सो गए। इसी दौरान उनके कमरे में होटल के संचालक शमशेर की रखी लाइसेंसी डोगा गन से उन्होंने खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर जब वह उठे तो चाचा खून से लथपथ थे। इसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी।

होटल संचालक की डोगा गन से मारी गोली
मौके पर मौजूद प्रदीप ने बताया कि जिस कमरे में वह रुके थे, उस कमरे में होटल के संचालक शमशेर का कमरा था। उसने कमरे के अंदर अपनी डोगा गन को रखा था। उसी डोगा गन से बलवंत सिंह दालमवाला ने खुद को गोली मारी है।



डेयरी से बड़े व्यवसायी बने दामलवाला
बलवंत सिंह दामलवाला ने डेयरी से कारोबार शुरू किया। डेयरी के व्यवसाय के बाद उन्होंने प्रापर्टी के क्षेत्र में बड़ी पहचान बनाई। इसके बाद राजनीति में कदम रखा। इस दौरान उन्होंने जींद विधानसभा से वर्ष 2000 और 2009 से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता हासिल नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने शहर के सफीदों रोड पर दालमवाला अस्पताल खोला। इसके बाद शहर के अंदर बड़ा होटल बनाया। अपने पैतृक गांव दालमवाला में बड़े स्कूल की स्थापना की। बलवंत सिंह दालमवाला को शहर में खुश मिजाज व्यक्ति के तौर पर पहचान थी।

गन की दूरी पुलिस में पैदा कर रही संदेह
जिस कमरे में बलवंत सिंह दामलवाला की गोली लगने से मौत हुई, उसकी पुलिस ने गहराई से जांच की। इस दौरान एसएफएल की टीम और पुलिस ने लगभग दो घंटे तक घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि घटना स्थल शव से काफी दूरी पर डोगा गन पड़ी थी। पुलिस के सामने यह भी प्रश्न बना है कि डोगा गन से कोई व्यक्ति खुद की कनपटी पर बंदूक रखकर गोली कैसे मार सकता है। पुलिस ने घटना स्थल से दो गोली के खोल और कुछ कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा शराब की खाली बोतल, सलाद सहित अन्य खाने चीजें मिली हैं। इसको पुलिस ने कब्जे में ले लिया।

जानकार खड़े कर रहे हैं घटना पर सवाल
घटना के तुरंत बाद उनकी मौत का समाचार शहर में आग की तरह फैल गई। बलवंत के परिचित रोहतक रोड पर जुटने लगे। यहां पहुंचने वाले उनके खास जानकारों ने बताया कि बलवंत बहुत ही जिंदादिल इंसान थे और वे आत्महत्या नहीं कर सकते। उन्होंने अपने जीवन में एक से बड़ी एक परेशानियों को झेला है।

पुलिस ने बयानों को किया रिकार्ड
एसएसपी शशांक आनंद ने घटना स्थल का खुद बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद एसएसपी शशांक आनंद की मौजूदगी में गोली लगने के समय उनके कमरे में मौजूद प्रदीप और देवीलाल से पुलिस ने घटना स्थल पर ही जानकारी ली। इस दौरान पुलिस ने दोनों के बयानों से प्रश्न पूछकर बयान को रिकॉर्ड किया।
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प्राथमिक दृष्टि में दिखाई दे रही आत्महत्या
एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि बलवंत सिंह दालमवाला की मौत प्राथमिक दृष्टि से आत्महत्या दिखाई दे रही है। जिस समय आत्महत्या की, उस समय उसके परिवार के ही दो लोग मौजूद थे। मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। जांच सिटी डीएसपी कप्तान सिंह को सौंप दी है। जांच के बाद ही मामले से पर्दा उठेगा।
 
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