पिछले माह पैसे लेकर डिलीवरी करवाने के मामले में चर्चा में आई कंडेला सीएचसी की आरोपी नर्स के खिलाफ गांव की चुनी हुई पंचायत लामबंद हो गई है। गांव के सरपंच अजमेर और पंचों का कहना है कि यदि आरोपी नर्स का कंडेला सीएचसी से तबादला नहीं हुआ, तो ग्रामीण सीएचसी के बाहर धरना देंगे और सीएचसी को ताला भी लगा सकते हैं।
करीब 20 दिन पहले शाहपुर गांव निवासी एक व्यक्ति ने सीएचसी की एमओ डॉ. ज्योति मल्होत्रा को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि एक नर्स ने उसकी पत्नी की डिलीवरी करवाने की एवज में 1100 रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उन्होंने नर्स को 700 रुपये दे भी दिए थे, लेकिन आरोपी नर्स ने पैसे नहीं देने पर उसकी पत्नी को छुट्टी देने से मना कर दिया। इसके बाद पैसे देकर ही वह पत्नी को घर ले जा सका। इस मामले के कुछ दिन बाद ही शामदो गांव निवासी एक व्यक्ति ने भी उसी नर्स के खिलाफ शिकायत सीएचसी प्रशासन को दी थी। इसके बाद आरोपी नर्स के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है।
अधिकारियों को भेजी गई है जांच रिपोर्ट
हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जांच रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं दे रहे हैं, लेकिन सभी का कहना है कि जांच रिपोर्ट अधिकारियों से जो भी आदेश जांच रिपोर्ट के आधार पर आएंगे, उसके अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।
दो बार हो चुकी है प्रतिनियुक्ति
इस मामले में आरोपी नर्स की दो बाद प्रतिनियुक्ति डुमरखां कलां गांव की पीचएसी में हो चुकी है। इससे पहले मामला सामने आने के बाद सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने आरोपी नर्स को डेपुटेशन पर डुमरखां कलां पीएचसी भेज दिया था। इसके बाद शनिवार को फिर से 14 दिन के लिए नर्स को डुमरखा कलां भेज दिया है। अब ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी नर्स का यहां से स्थायी तबादला किया जाए।
नर्स द्वारा डिलीवरी के नाम पर ग्रामीणों से पैसे वसूलने का मामला सामने आया है। यह गंभीर मामला है। ऐसे में ग्रामीण नहीं चाहते कि आरोपी नर्स की सेवाएं सीएचसी कंडेला में चलें। उनके तबादले की मांग को लेकर सीएचसी के अधिकारियों मुलाकात की है।
अजमेर सिंह, सरपंच कंडेला
अधिकारियों को करवाया जाएगा अवगत
नर्स के तबादले की मांग को लेकर ग्रामीण सीएचसी आए थे। तबादला करना सरकार के न्यायक्षेत्र की बात है। इसमें मैं कुछ नहीं कर सकती। अधिकारियों को स्थिति से अवगत करवा दिया जाएगा।
डॉ. ज्योति मल्होत्रा, एमओ, सीएचसी कंडेला।