जनस्वास्थ्य विभाग के तीन अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अलग-अलग कामों के फर्जी बिल लगाकर करीब 24 लाख रुपये का गड़बड़झाला करने का मामला सामने आया है। हालांकि इस मामले में दो सब डिवीजनल क्लर्क (एसडीसी) निलंबित भी हो चुके हैं और तीनों से विभाग ने घोटाले की राशि रिकवर कर ली है। इस कार्रवाई के बाद अब जनस्वास्थ्य विभाग उन फर्मों पर भी नजरें गड़ाए हुए है, जिन्होंने फर्जी बिल जारी किए।
तीनों लोगों द्वारा किए गए गड़बड़झाले का पता जनस्वास्थ्य विभाग जींद के एक्सईएन को मासिक बैठक की जांच के दौरान चला। इसके बाद जब मामले की जांच की गई तो विभिन्न कार्यों के नाम पर ठेकेदारों को 24,84,745 रुपये के ऐसे भुगतान का पता चला। इसके एवज में कोई काम ही नहीं हुआ। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन ने 13 अगस्त को पत्र क्रमांक 18921 के माध्यम से एसई को मामले की सूचना दी। एसई ने 18 अगस्त को विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ को पत्र लिखकर मामले की सूचना दी। इस पर कार्रवाई करते हुए दो एसडीसी सुरेश कुमार और सुभाष चंद्र को विभाग ने निलंबित कर दिया है।
तीनों आरोपियों से रिकवरी
मामला सामने आने के बाद तीनों आरोपियों पर दबाव बना। उन पर जितने पैसे का आरोप लगा, उसके हिसाब से सरकारी खजाने में पैसे जमा करवा दिए। इसके तहत एसडीसी सुभाष चंद्र ने कुल 7,45,423 रुपये, एसडीसी सुरेश कुमार ने 7,45,423 तथा एसडीओ अमरीक सिंह ने 9,93,899 रुपये सरकारी खजाने में जमा करवाए हैं।
दो ठेकेदारों को हुआ भुगतान
एक्सईएन के पत्र में उन ठेकेदारों का भी जिक्र किया गया है, जिनको राशि का भुगतान हुआ है। पत्र में कहा गया है कि वाउचर नंबर 15 सफीदों तथा वाउचर नंबर 20 से 77, 9 तथा 108, 138 से 139, 157 से 169 से 172 से जनस्वास्थ्य विभाग उप मंडल नंबर एक द्वारा भुगतान किया गया है। उप मंडल नंबर दो में वाउचर नंबर 66 से भुगतान किया गया है। पत्र में एक्सईएन ने लिखा है कि ठेकेदार अंग्रेज सिंह तथा मनजीत सिंह को 24,84,745 रुपये का भुगतान किया गया है।
पहले भी हो चुका है बड़ा घोटाला
इससे पहले भी जींद जनस्वास्थ्य विभाग में एक करोड़ 34 लाख रुपये का घोटाला हो चुका है। इसके तहत रामराये गांव से जाजवान गांव तक पेयजल पाइप लाइन डाली गई थी, लेकिन यह लाइन एक भी दिन नहीं चल पाई। बाद में इसकी जांच विधायकों की पब्लिक अकाउंट कमेटी (पीएससी) ने की थी। इसमें लाइन में प्रयोग किए गए पाइप घटिया क्वालिटी के पाए गए थे। इसके बाद जींद के तत्कालीन एक्सईएन निलंबित हुए थे।
विभाग में भ्रष्टाचार का मामला पाया गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग ने एसडीसी सुरेश कुमार तथा सुभाष चंद्र को निलंबित कर दिया है। तीनों आरोपी अधिकारियों ने पैसे सरकारी खजाने में जमा करवा दिए हैं। अभी मामले की जांच उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही है। इसमें आगे की कार्रवाई मुख्यालय स्तर पर ही होगी।
बीपी शर्मा, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।