करीब एक माह पहले जींद से गायब हुए वाल्मीकि समाज के युवक राहुल के मामले में पुलिस द्वारा सही कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए दूसरे दिन रविवार को भी समाज के लोगों ने शहर थाने के सामने धरना दिया। एसएसपी शशांक आनंद ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एएसआई सतपाल को निलंबित कर दिया। एसएसपी ने धरनास्थल पर जाकर मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर जांच एएसपी वसीम अकरम को सौंप दी। एसएसपी के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया।
वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने पालिका बाजार का रास्ता बाधित करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप में दस लोगों को नामजद कर 20-25 अन्य लोगों पर मामला दर्ज किया है।
गौरतलब है कि शहर की विश्वकर्मा कॉलोनी निवासी राहुल पिछले माह संदिग्ध परिस्थितियों में घर से गायब हो गया था। इसके बाद राहुल के परिजनों द्वारा 14 जुलाई को राहुल के गायब होने की पुलिस को शिकायत दी थी। इसके बाद 15 जुलाई को हांसी पुलिस को एक शव मिला, जिसकी शिनाख्त नहीं होने पर हांसी पुलिस ने 18 जुलाई को अज्ञात शव मानकर उसका संस्कार कर दिया। राहुल के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस को शिकायत देने के बाद भी पुलिस ने राहुल को ढूंढ़ने का प्रयास नहीं किया।
राहुल के परिजनों का आरोप है कि राहुल की हत्या की गई है। यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो राहुल बच सकता था। पुलिस कार्रवाई से खफा होकर वाल्मीकि समाज के लोगों ने शनिवार को शहर थाना के गेट पर धरना दिया और पालिका बाजार का रास्ता जाम कर दिया। रविवार को भी वाल्मीकि समाज ने शहर थाने के गेट पर धरना दिया। एसएसपी शशांक आनंद ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एएसआई सतपाल को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया। एसएसपी ने धरना स्थल पर जाकर मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के आदेश दिए और मामले की जांच एएसपी वसीम अकरम को सौंप दी। एसएसपी के आश्वासन के बाद वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।
मामले के आईओ एएसआई सतपाल सिंह को ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है और एएसपी वसीम अकरम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
-शशांक आनंद, एसएसपी, जींद