हरियाणा के जींद में ढाई महीने पहले शहर थाना प्रभारी रहे व वर्तमान में साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह समेत चार पुलिस कर्मचारियों को पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने भ्रष्टाचार के आरोपों के आधार पर निलंबित कर दिया है।
वीरेंद्र सिंह पर शहर थाना प्रभारी रहते एक व्यवसायी से 14 लाख रुपये और 58 आईफोन हड़पने के आरोप हैं। इस मामले में एएसआई रीना, हवलदार खुशीराम व राजेश को भी निलंबित कर दिया है। हालांकि व्यवसायी ने इसकी शिकायत नहीं की, लेकिन एसपी के संज्ञान में मामला पहुंच गया था। एसपी सुमित कुमार ने मामले की जांच डीएसपी डिटेक्टिव को सौंपी है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
शहर के एक व्यक्ति ने लगभग ढाई महीने पहले शहर थाना में शिकायत दी थी कि बाजार में एक दुकानदार अवैध तरीके से मोबाइल फोन खरीदकर बेचता है। इस तरीके से वह टैक्स की चोरी कर सरकार को चूना लगा रहा है। इस शिकायत को आधार बनाकर तत्कालीन शहर थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने दुकान पर दबिश दी।
उस समय दुकान में 100 से अधिक आईफोन व 14 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई। थाना प्रभारी ने दुकानदार को धमकी देकर 14 लाख की नकदी व 58 मोबाइल फोन जब्त कर लिए। आरोप है कि इस नकदी व मोबाइल फोन को किसी कागजी कार्रवाई में नहीं दिखाया और राशि व मोबाइल फोन खुद ही हड़प गया।
सोमवार को मामले की जानकारी एसपी सुमित कुमार को लगी तो उन्होंने डिटेक्टिव डीएसपी को इसकी जांच सौंप दी। सूत्रों के अनुसार तत्कालीन थानेदार ने एसपी की ओर से जांच के आदेशों की भनक लगते ही दुकानदार को जब्त किए गए 14 लाख रुपये और 17 मोबाइल फोन लौटा दिए।
थानेदार की डकैती से लगभग ढाई माह बाद उठा पर्दा
रिश्वतखोरी के मामले को लेकर पुलिस आए दिन सुर्खियों में रहती है, लेकिन बाजार में व्यापारियों से इस तरह से बड़ी राशि को जब्त करने का शहर में पहला ही मामला सामने आया है। उस समय तो मामला पूरी तरह से दब गया था और शहर थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह का यहां से तबादला भी हो गया था। वह इसके बाद साइबर थाना के प्रभारी लगाए गए। अचानक किसी ने इस बारे में ढाई महीने बाद एसपी को पूरी कहानी बता दी तो उन्होंने कड़ा संज्ञान लिया।
इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह, एएसआई रीना, हवलदार खुशीराम व राजेश को निलंबित कर दिया है।उनके खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी मामला सामने आया था। डीएसपी डिटेक्टिव को मामले की जांच सौंपी गई है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-सुमित कुमार, पुलिस अधीक्षक, जींद