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कानून हाथ में लिया हो होगी कड़ी कार्रवाई

Wed, 01 Jun 2016 12:11 AM IST
जींद ब्यूरो/ अमर उजाला
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जाट आंदोलन - फोटो : self
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जाट आरक्षण आंदोलन को देखते हुए प्रशासन काफी सतर्क है। मंगलवार को एसडीएम बलराज जाखड़, डीएसपी हरेंद्र कुमार ने करीब आधा दर्जन संवेदनशील गांवों का दौरा किया और वहां लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। डीएसपी हरेंद्र कुमार ने कहा कि किसी को कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने गांव सिल्लाखेड़ी, हाट, रामनगर, कलावती, हाडवा, भंभेवा, लुदाना, भिड़ताना, गांगोली व अन्य गांवों में पहुंचकर पंचायत में मौजूद पंच, सरपंच व गणमान्य लोगों के साथ बैठक की।
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एसडीएम बलराज जाखड़ ने कहा कि किसी भी मांग को लेकर अगर लोग अपने निर्धारित स्थान पर शांतिपूर्वक तरीके से धरना-प्रदर्शन करते हैं तो ठीक, वरना लोगों को कानून अपने हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की संपत्ति लोगों की अपनी संपत्ति है। किसी भी सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। ऐसा करने वाले लोगों को रोके। अगर ऐसा हुआ तो इस प्रकार के लोगों के साथ प्रशासन सख्ती से निपटेगा। इसके लिए गांव में गणमान्य और मौजिज लोग किसी की जवाबदेही तय करें। उन्होंने लोगों को कहा कि वह किसी भी प्रकार के असामाजिक तत्वों की पहचान करके पुलिस को बताएं, ताकि कोई शरारती तत्व किसी घिनौनी हरकत को अंजाम न दे सके।

सीसीटीवी कैमरे हुए खराब
जाट आरक्षण को लेकर प्रशासन ने सफीदों कस्बे के खांसर चौक पर कैमरे लगवाकर उपद्रवियों की पहचान की गई थी, लेकिन अब ये कैमरे खराब हो चुके है। इस ओर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। शहर का यह मुख्य चौक होने के वजह से यहां कैमरों का होना अत्यंत जरूरी है।
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डीएसपी हेडक्वार्टर कुलवंत बिश्नोई ने उचाना के गांव बड़ौदा, घोघडिय़ां, छात्तर, सपा खेड़ी, करसिंधु, तारखा और जींद के गांव रामराये, किनाना, घिमाना, ईगराह, बहबलपुर और ईक्कस गांव में पंच, सरपंच व गणमान्य लोगों के साथ बैठक ली। डीएसपी ने लोगों को आगाह किया कि लोग निर्धारित स्थान पर शांतिपूर्वक तरीके से धरना-प्रदर्शन कर सकते हैं। अगर शांति भंग कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा गया तो ऐसे लोगों को कानून अपने हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। इस तरह की घटना न हो इसके लिए गणमान्य लोगों की जवाबदेही तय की जाए।
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