डीएसपी दिनेश यादव ने सोमवार को शहर के दो प्रमुख बैंकों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। जांच के दौरान बैंक की सुरक्षा व्यवस्था में काफी खामियां पाई गईं। डीएसपी ने अपनी टीम के साथ लगभग 11 बजकर 30 मिनट पर पीएनबी बैंक पहुंचे तो वहां पर गार्ड मौजूद नहीं था।
बैंक के अंदर जाने के बाद जब डीएसपी ने कैशियर से कहां कि वह सायरन बजाने के लिए कहा तो उन्होंने कैशियर को इसके बारे में जानकारी ही नहीं थी। उनके कैबिन में सायरन का बटन तक नहीं लगा हुआ था। यह कमी कैशियर केबिन तक ही देखने को नहीं मिली बल्कि कार्यवाहक बैंक मैनेजर भी लगभग 10 मिनट तक सायरन बजाने वाले बॉक्स को खोलने का प्रयास करता रहा, लेकिन बॉक्स नहीं खुला।
इससे पुलिस चेकिंग के दौरान यह साफ अंदाजा लगाया जा रहा था कि बैंककर्मीं बैंक में रखे कैश की सुरक्षा के साथ-साथ आम जनमानस की सुरक्षा का कितना ध्यान रखते हैं। बात आगे बढ़ी और बैंक प्रांगण में लगे कैमरों को देखा गया लेकिन जो कैमरे बैंक में लगे हुए थे उनमें से कुछ तो बंद पड़े थे और कुछ का फोक्स ही गलत तरफ किया हुआ है। इस दौरान डीएसपी ने इन खामियों को दूर करने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद डीएसपी सफीदों गेट पर स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की मुख्य शाखा में पहुंचे। जहां पर गार्ड की उचित व्यवस्था नहीं थी और न ही उन्हें यह मालूम था कि बैंक में लगा सायरन बजने के बाद किस प्रकार की चौकसी होनी चाहिए। डीएसपी ने बैंकों की सुरक्षा पर असंतुष्टी जताई।
डीएसपी दिनेश यादव ने कहा कि बैंकों की चेकिंग के दौरान पाई गई कमियों व खामियों को लेकर उनके उच्च अधिकारियों को पत्र व्यवहार किया जाएगा तथा बैंकों में सुरक्षा के लिहाज से पुख्ता इंतजाम करने को कहा जाएगा। अगर इसके बावजूद बैंक प्रबंधकों की स्थिति ऐसी ही पाई गई तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी अभिषेक जोरवाल ने पिछले दिनों जिले के सभी बैंक प्रबंधकों की बैठक ली थी। इसमें कहा गया था कि वह अपने अपने बैकों के अंदर व बाहर की तरफ कैमरे लगवाएं, बैंक में सिक्योरिटी गार्ड लगाएं, एटीएम पर भी गार्ड लगाएं, सायरन व्यवस्था ठीक हो अप्रिय घटना के समय तुरंत सतर्कता बरती जा सके।