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संसद में लिपिक लगवाने के नाम पर हड़पे रुपये

Tue, 13 Oct 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सफीदों
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संसद में लिपिक लगवाने के नाम पर सफीदों के वार्ड-4 निवासी दो युवकों से 70-70 हजार रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सफीदों के वार्ड आठ निवासी ललित और प्रिंस ने पुलिस को शिकायत दी है कि वे दोनों बीटेक कर रहे हैं।
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पिछले साल तीन अक्टूबर को उनकी मुलाकात वार्ड-4 निवासी एक व्यक्ति से हुई। उस व्यक्ति ने कहा कि वह उन्हें संसद में लिपिक की नौकरी दिलवा देगा। उसकी बातों में आकर उन्होंने पैसे दे दिए। जब नौकरी नहीं लगी तो आरोपी ने पैसे लौटाने से भी मना कर दिया। सफीदों थाना प्रभारी धर्मवीर खर्ब के अनुसार पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

बिजली निगम के दो एएलएम चार्जशीट
गांव कारखाना में ग्रामीणों से रिश्वत मांगने के आरोपी निगम के एएलएम सत्यवान तथा सुंदर को चार्जशीट कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। दोनों की कर्मचारियों के खिलाफ ग्रामीणों ने सीएम विंडो में शिकायत देकर जांच की मांग की थी। इन पर लगभग छह माह बाद निगम ने कार्रवाई की है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली निगम के कर्मचारी शिकायकर्ताओं के घर पर लगातार छापेमारी कर रहे हैं और बिजली चोरी के मामले में फंसाने की धमकी देकर समझौते का दबाव बना रहे है। इसको लेकर ग्रामीणों की पंचायत हुई और पंचायत में निगम के कर्मचारियों की कार्रवाई पर रोष जताया। सोमवार को निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ गांववासियों ने एसई जींद दलजीत सिंह को शिकायत की है।

गांव के शिकायतकर्ता राकेश, मामले के गवाह बने अनिल, संजीव, निर्मल सिंह, सुनिल तथा बीरा नंबरदार, रामकिशन, धर्मसिंह, रोशन, सतीश, बलराज, धर्मपाल, सुभाष ने सोमवार को एसई दलजीत सिंह के सामने पेश होकर बताया कि फरवरी व मार्च माह में गांव में तैनात बिजली कर्मचारी सत्यवान व सुंदर ने लोगों पर बिजली चोरी करने का दबाव बनाकर रिश्वत ले ली। हर रोज उक्त कर्मचारियों के दबाव से तंग आकर अधिकारियों को शिकायत की थी, लेकिन कोई भी कार्रवाई न होने से परेशान लोगों ने मामले की शिकायत तीन मार्च को सीएम विंडो पर की थी।

बिजली निगम केे एक्सईएन आशुतोष ने बताया कि एएलएम सत्यवान व सुंदर को चार्जशीट कर जवाब मांगा गया है। दोनों कर्मचारियों पर विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। कोई भी कर्मचारी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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