गांव कालवा में जमीनी विवाद को लेकर हुए दोहरे हत्याकांड के चार आरोपियों को पुलिस ने अदालत में पेश किया। जहां से अदालत ने मुख्य आरोपी सोनू को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया, जबकि तीन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस मुख्य आरोपी से साजिश में शामिल अन्य आरोपियों तथा हत्या में प्रयोग किए गए हथियारों को बरामद करेगी।
गांव कालवा निवासी रूमन ने 23 सितंबर पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके परिवार का आशरी गेट जींद निवासी कृष्ण के परिवार के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसी रंजिश के चलते कृष्ण का बेटा सोनू 23 सितंबर को उनकी ज्वेलर्स की दुकान पर पहुंचा। जहां पर आरोपी ने उसके पति संदीप तथा जेठ राजकुमार उर्फ राजू की गोली मार दी।
इसमें उसके पति संदीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जेठ राजकुमार की पीजीआई रोहतक में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने रूमन की शिकायत पर आशरी गेट निवासी मुख्य आरोपी सोनू, उसके भाई टींकू, मोनू तथा उसके पिता कृष्ण के खिलाफ हत्या तथा साजिश रचने का मामला दर्ज किया था।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों को गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से मुख्य आरोपी सोनू को दो दिन के पुलिस रिमांड पर तथा अन्य को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी जगबीर दहिया ने बताया कि मुख्य आरोपी सोनू को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपी से मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ करेगी।
रोड जाम करने वाले 300 लोगों पर मामला दर्ज
दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मृतक के परिजनों द्वारा जींद-पानीपत मार्ग जाम करने पर पुलिस ने 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एएसआई पुरुषोत्तम ने पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस को शिकायत दी है कि गांव कालवा में दोहरे हत्याकांड के विरोध में गांव कालवा के लोगों ने गांव तलोड़ा खेड़ी पावर हाउस के पास जींद-पानीपत मार्ग को बाधित कर दिया था।
पुलिस ने जाम लगा रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण जाम खोलने के लिए तैयार नहीं हुए। पुलिस ने इस मामले में 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।