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जेल में मिले छह मोबाइल, आठ बैटरी और एक चार्जर

Fri, 02 Oct 2015 12:32 AM IST
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
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जेल में मोबाइल पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के बावजूद मोबाइल मिलने का सिलसिला जारी है। पुलिस लाइन और जेल क्वार्टरों की तरफ से छह मोबाइल, आठ बैटरी, एक चार्ज जेल के अंदर फेंके गए। जब मोबाइल को फेंका गया वह जेल की छत से टकरा गया और आवाज सुनकर जेल वार्डन मौके पर पहुंच गए। जेल उपाधीक्षक सेवा सिंह की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इससे पहले भी जेल में मोबाइल मिलने के कई मामले सामने आ चुके हैं।


जेल उपाधीक्षक सेवा सिंह ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 28 सितंबर की मध्य रात्रि को वार्डनों ने जेल के अंदर आवाज सुनाई दी। जब सुरक्षा कर्मियों ने पुलिस लाइन की तरफ जाकर देखा तो एक अखबार में लिपटा हुआ सामान पड़ा था। जब वार्डनों ने उसे खोला तो उसमें तीन मोबाइल, पांच बैटरी और एक लाल रंग की पुड़िया डाली हुई थी। सुबह होने पर जेल प्रशासन ने कैदियों को बैरक से निकालने से पहले जेल परिसर में सर्च अभियान चलाया। इस दौरान दो मोबाइल, एक चार्ज पड़ा मिला। इसके बाद जेल प्रशासन ने जब जेल की छत पर जाकर देखा तो वहां पर भी एक मोबाइल पड़ा मिला। इतनी संख्या में मोबाइल मिलने पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और इसकी सूचना शहर थाना पुलिस को दी गई।
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रुई के पैकेट के अंदर डाले गए थे मोबाइल
जेल उपाधीक्षक के अनुसार मोबाइल और बैटरियों को रुई के बड़े पैकेट में डाला गया था। इसके बाद पैकेट के ऊपर अखबार और बाद में उसे पर लोहे के तारों से बांधा हुआ था। जबकि जेल क्वार्टरों की तरफ मिले मोबाइलों को थर्मा कोल के अंदर डाला हुआ था। मोबाइल को रुई और थर्माकोल के अंदर इसलिए डाला गया था कि वह टूट न जाए।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जेल के अंदर जिस तरफ से मोबाइल फेंके गए हैं वह दोनों ही जगह सुरक्षा के लिहाज से बेहतर माने जाते हैं। तीन मोबाइलों तथा पांच बैटरियों को पुलिस लाइन के साथ लगती दीवार के ऊपर से डाला गया है। जेल के अंदर मोबाइल डालने से पहले आरोपी पुलिस लाइन के अंदर घुसे हैं। ऐसे में पुलिस लाइन में काफी संख्या में पुलिस रहती है। इसके बावजूद भी मोबाइल फेंकने वाले आरोपी पुलिस लाइन के अंदर घुस गए। ऐसे में जेल के साथ-साथ पुलिस लाइन की सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं। जबकि तीन मोबाइलों को जेल के कर्मचारियों के लिए बनाए गए क्वार्टरों की तरफ से फेंका गया है। जेल के क्वार्टरों में जेल के सुरक्षा कर्मी तैनात रहते है। इसके बावजूद भी जेल में मोबाइल फेंक दिए गए।

पहले भी फेंका था मोबाइलों को
जेल के अंदर दीवार से मोबाइल को फेंकने का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी लगभग छह माह पहले जेल के अंदर जुराब में मोबाइलों को डालकर फेंकने का प्रयास किया था, लेकिन मोबाइल जेल के अंदर खड़े पेड़ की टहनियों में अटक गया था। जिसके बाद जेल प्रशासन ने मोबाइलों को कब्जे में ले लिया था। इसी प्रकार 18 जून को जेल के अंदर से बंदियों के कब्जे से दो मोबाइल बरामद किए थे। प्रदेश सरकार के आदेश पर जेल में सर्च अभियान चलाया था, लेकिन उस समय जेल में कुछ नहीं मिला था।
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ईएमआई नंबर जांच की सिफारिश
जेल उपाधीक्षक सेवा सिंह ने बताया कि जेल के अंदर मिले दो मोबाइल पुराने हैं। इन मोबाइलों को पहले प्रयोग किया हुआ है। इन मोबाइलों का ईएमआई नंबर का पता लगाकर जेल के अंदर मोबाइल फेंकने वालों का सुराग लगाने के लिए जेल प्रशासन ने सिफारिश की है। जेल प्रशासन की सतर्कता के कारण मोबाइल बंदियों तक नहीं पहुंच पाए हैं। जेल प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा की गई है और हर रोज जेल की छत और परिसर की जांच करने के बाद ही कैदियों को बैरक से बाहर निकाला जाता है। सभी मोबाइलों को पुलिस को सौंप दिया गया है।

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