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आठ घंटे बाद उठा शव 18 घंटे बाद अंतिम संस्कार

Sun, 08 Nov 2015 12:12 AM IST
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
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 गांव कलौदा में शुक्रवार को जमीन विवाद को लेकर एक दलित महिला की मौत से आक्रोशित लोगों का गुस्सा आधी रात को लगभग ग्यारह बजे डीसी विनय कुमार के आश्वासन के बाद शांत हुआ। दबंगों और दलितों में हुए खूनी संघर्ष में एक दलित महिला कुलवंती की मौत हो गई थी।

लगभग आठ घंटे तक महिला का शव खेतों में ही पड़ा रहा। महिला के परिजन आरोपियों को गिरफ्तार करने, आर्थिक सहायता देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े रहे। देर रात डीसी विनय कुमार गांव कलौदा के खेतों में पहुंचे और लोगों को आश्वासन दिया तब जाकर आधी रात को परिजन शव उठाने को राजी हुए। पुलिस शव को सामान्य अस्पताल में ले आई, लेकिन सुबह फिर से परिजन डीसी और एसपी को अस्पताल में बुलाने पर अड़ गए। इसके बाद डीसी व एसपी मौके पर पहुंचे।
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जहां पर मृतका के परिजनों से लगभग आधा घंटे तक बैठक की और डीसी द्वारा मामले में ठोस कदम उठाने का आश्वासन मिलने पर परिजन शव उठाने को राजी हुए। भारी पुलिस बल के बीच महिला का गांव कलौदा में अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने इस मामले में 13 लोगों को नामजद करके 175 अन्य लोगों के खिलाफ हत्या, एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस ने धमतान चौकी के सभी पुलिस कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर दिया  गया है। शुक्रवार दोपहर से शुरू हुआ संघर्ष शनिवार को दोपहर बाद महिला के अंतिम संस्कार के बाद शांत हुआ।


महिला की मौत के मामले पर शनिवार सुबह दलित समुदाय के लोग काफी संख्या में सामान्य अस्पताल में पहुंच गए। जहां पर परिजनों ने डीसी विनय सिंह, एसएसपी अभिषेक जोरवाल के आने तक पोस्टमार्टम नहीं होने दिया।

 मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी विनय सिंह खुद पीडब्लयूडी विश्राम गृह में पहुंचे और मृतका के परिजनों को बातचीत के लिए बुलाया। परिजन ने पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी देने, 20 लाख रुपयों की आर्थिक मदद देने, घायल का फ्री इलाज कराने और दलितों को आर्म्स लाइसेंस देने, दोषियों को तुरंत काबू करने, उनके खिलाफ झूठे दर्ज मामले वापस लेने की जांच कराने की मांग की।

डीसी ने उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी और दोषी लोगों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मृतका के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा दिलवाने का भी भरोसा दिया। इस पर परिजन पोस्टमार्टम करवाने को राजी हो गए।

आर्थिक सहायता का दिया आश्वासन
डीसी विनय सिंह, एसएसपी अभिषेक जोरवाल से हुई बातचीत में दलित पक्ष से हरफूल भट्टी, पूर्व सरपंच बसाउ व रामफल, रामपाल और चांदीराम की करीब आधा घंटा बातचीत चली।



हरफूल भट्टी ने बताया कि प्रशासन ने मृतका के परिजनों को तीन लाख रुपये आर्थिक मदद देने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। दलित रामफल ने अपनी शिकायत में बताया कि यह जमीन उनकी पुश्तैनी है। वर्षों से वह खेती कर रहे हैं, लेकिन इन लोगों ने उनकी जमीन को कब्जाने का प्रयास किया।

रात ग्यारह बजे उठाया शव
मृतका कुलवंती का शव करीब आठ घंटे खेतों में पड़ा रहा। रात करीब ग्यारह बजे डीसी विनय सिंह ने दलित पक्ष के लोगों को समझाया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार की ओर से आर्थिक मदद भी करवाई जाएगी। इस आश्वासन के बाद दलित पक्ष के लोग शव को उठाकर सामान्य अस्पताल पहुंचे।



लेकिन सुबह फिर से परिजन अधिकारियों को बुलाने पर अड़ गए। अधिकारियों से बातचीत के बाद परिजन शव उठाने को तैयार हुए।

188 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज
मृतका कुलवंती के भतीजे गांव कलौदा निवासी रामफल की शिकायत पर पुलिस ने 188 लोगों के खिलाफ हत्या तथा एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

इसमें दनौदा के तीन भाई भीम, बृषभान और बलवंत, भीम का लड़का, बृषभान के पुत्र सलिंद्र और काला, भीम के पुत्र सविल और पमी, भीम का दामाद, बीरसिंह, सत्यवान सुभाष व अंगूरी पत्नी बृषभान को नामजद किया है। जबकि 150 अन्य पुरुष तथा 25 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

झगड़े में घायल हुए दो लोग पीजीआई रेफर
दो दलितों की स्थिति गंभीर होने के कारण सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। झगड़े में घायल हुए सतीश व कुलवंत को गंभीर हालात में पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया है।

आरोपी पक्ष का बलवंत भी घायल
मामले में नामजद दनौदा गांव का बलवंत भी झगड़े में घायल हो गया। जिसे इलाज के लिए मेडिकल कालेज रोहतक ले जाया गया है। फिलहाल उसकी स्थिति गंभीर बताई गई है।

अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने ली राहत की सांस
सामान्य अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस की मौजूदगी में शव को गांव कलौदा लेकर गए। जहां पर महिला का अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।

धमतान चौकी में तैनात सभी कर्मचारियों को किया लाइन हाजिर
महिला की मौत के बाद दलित पक्ष के लोगों ने धमतान चौकी के कर्मचारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इस पर एसएसपी ने तुरंत ही धमतान चौकी के सभी पुलिस कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर दिया और उसके जगह पर नया स्टाफ लगा दिया गया।
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पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल ने बताया कि इस मामले में आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और चार लोगों को हिरासत में भी ले लिया गया है। दनौदा पुलिस चौकी के सभी कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर चौकी में नए स्टाफ की नियुक्ति कर दी गई है।

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