हरियाणा के जींद में आरटीए (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण) की गाड़ी में डिवाइस लगाने के मामले में जिला परिवहन अधिकारी के चतुर्थ कर्मचारी सफाखेड़ी निवासी अमन की गिरफ्तारी के बाद शनिवार देर रात परिजनों ने डिटेक्टिव कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। पुलिस कर्मचारियों ने ग्रामीणों को जाने को कहा, लेकिन ग्रामीण नहीं माने और डिटेक्टिव स्टाफ पर युवक के अपहरण के आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू की।
ग्रामीणों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, वहीं ग्रामीणों ने भी पुलिस पर पत्थरबाजी की। जिससे डिटेक्टिव स्टाफ के इंचार्ज आशीष कुमार और पुलिसकर्मी अमित घायल हो गए वहीं ग्रामीणों को भी चोंटें आई। देर रात ही पुलिसकर्मी व ग्रामीणों को नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां उनको प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने इस मामले में सफाखेड़ी गांव की छह महिलाओं समेत 17 लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां सभी महिलाओं को जमानत पर छोड़ दिया और 11 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
देर शाम दो और आरोपी गिरफ्तार
गाड़ी में डिवाइस लगाने के मामले में पुलिस ने सबसे पहले हिसार जिले के गांव कंवारी निवासी जगमेंद्र उर्फ कमिंडा को गिरफ्तार किया था। पुलिस रिमांड के दौरान इस मामले में अमन के शामिल होने की बात कही थी। अब अमन से पूछताछ के बाद रविवार देर सांय कैथल जिले के गांव प्योंदा निवासी शैलेंद्र उर्फ सिंदर और खरोदी निवासी सुखविंदर उर्फ बिंदर की गिगरफ्तारी हुई है।
अमन ने ही आरटीए की गाड़ी में लगाया था डिवाइस
सफाखेड़ी गांव का युवक अमन भिवानी रोड स्थित आरटीए कार्यालय में करीब दस महीने से कौशल विकास निगम के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लगा हुआ है। आरटीए की गाड़ी में डिवाइस लगाने के मामले की जांच में उसका का नाम सामने आया था। परिजनों का आरोप है कि डिटेक्टिव स्टाफ की टीम अमन को 17 अगस्त को ही घर से हिरासत में लिया था। इस पर शनिवार देर रात सफाखेड़ी गांव के काफी लोग डिटेक्टिव कार्यालय पर पहुंचे गए थे। इससे वहां काफी बवाल हुआ और ग्रामीणों को भगाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
इन ग्रामीणों की हुई गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलने पर डीएसपी उचाना नरसिंह, डीएसपी रोहताश, डीएसपी रवि खुंडिया, शहर, सिविल लाइन तथा सदर थाना प्रभारी भारी संख्या में पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने मौक से 17 लोगों को काबू कर उनके तीन वाहन जब्त कर लिए थे। गिरफ्तार लोगों की पहचान गांव सफाखेड़ी निवासी गजे सिंह, समिया, रमेश, संदीप, रवि, सुरेंद्र, राजीव, सतपाल, भानमती, कौशल्या, रिसाली, सुनीता, गांव संदलाना निवासी जयंत, बलजीत, गांव दुर्जनपुर निवासी शमशेर के रूप में हुई, जबकि कुछ लोग अंधेरे का फायदा उठा कर फरार होने में कामयाब हो गए।
परिजनों के आरोप बेबुनियाद हैं। अमन को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया है। इसके विरोध में ग्रामीणों ने हंगामा किया तो पुलिस ने रात को ही मौके से 17 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। पथराव में डिटेक्टिव स्टाफ प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मी घायल हुए। शहर थाना पुलिस ने डिटेक्टिव स्टाफ प्रभारी आशीष की शिकायत पर पुलिस ने 17 लोगों को नामजद कर 20-30 अन्य के खिलाफ मारपीट करने, तोड़फोड़ करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
-रवि खुंडिया, डीएसपी