सांकेतिक तस्वीर (Car GPS Tracker)
हरियाणा के जींद में जिला परिवहन अधिकारी की गाड़ी में जीपीएस लगाने के आरोपी सफाखेड़ी निवासी अमन का सहयोग कैथल के खरोदी गांव निवासी सुखविंद्र सिंह उर्फ बिंद्र ने किया था। उसने ही डिवाइस लगाने की जानकारी दी। दूसरे आरोपी कैथल के प्यौदा गांव हाल आबाद बहादुर शास्त्री मार्ग प्यौदा रोड कैथल निवासी शैलेंद्र उर्फ सिंद्र वाहन चालकों को आरटीए टीम की लोकेशन बताता था और वह खुद भी एक व्हाट्सएप ग्रुप का एडमिन है।
दोनों आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां दोनों को एक-एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से उनके मोबाइल को जब्त करने के अलावा अन्य जुड़े लोगों के बारे में जानकारी हासिल की जाएगी। पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद आरोपी अमन और जगमेंद्र को भी अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पूछताछ में सामने आया है कि सुखविंद्र लोकेशन देने के लिए 10 से 15 हजार रुपये लेता था। फिलहाल इस मामले में 11 आरोपियों की जमानत पर अदालत में सुनवाई हुई, जहां उन्हें जमानत मिल गई है।
29 जुलाई को दर्ज हुआ था केस
आरटीओ की गाड़ी में डिवाइस लगाने के मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने 18 अगस्त को हिसार जिला के कंवारी गांव निवासी जगमेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी ने रिमांड के दौरान बताया था कि सफाखेड़ी निवासी अमन ने आरटीए की गाड़ी में डिवाइस लगाया था। उसके बाद अमन को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अब तक पुलिस इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। रविवार देर रात गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को एक-एक दिन के रिमांड पर लिया है।
अमन के परिजनों व पुलिस के बीच हुई थी झड़प
शनिवार रात को इस मामले में आरोपी अमन के परिजन सीआईए थाना में पहुंच गए थे। यहां ग्रामीणों व पुलिस के बीच झड़प हुई थी। इसमें डिटेक्टिव इंचार्ज समेत दो पुलिस कर्मचारी घायल हो गए थे। कुछ ग्रामीण भी इसमें घायल हुए थे। पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार कर तीन वाहन जब्त किए थे। पुलिस ने 17 लोगों को नामजद कर 30 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
पुलिस ने सुखविंद्र सिंह उर्फ बिंद्र और शैलेंद्र उर्फ सिंद्र को अदालत में पेश कर एक-एक दिन के रिमांड पर लिया है। अमन व जगमेंद्र की रिमांड अवधि खत्म होने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। आरोपी सुखविंद्र सिंह उर्फ बिंद्र ने अमन का डिवाइस लगाने में सा दिया था जबकि शैलेंद्र उर्फ सिंद्र ने व्हाटसअप गु्रप बनाया हुआ था। वह गु्रप में लोकेशन बताने के बदले वाहन चालकों से रुपये लेता था।
-रवि खुंडिया, डीएसपी जींद।