उड़ रही धूल से बढ़ रहा प्रदूषण, ठेकेदार पानी का नहीं करवा रहा छिड़काव
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाए गए नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। यही कारण है कि जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। प्रदूषण बढ़ने से लोग परेशान हैं। प्रदूषण कम करने के लिए अधिकारी पिछले चार दिन से सिर्फ दावे कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है। ठेकेदार से निर्माण कार्यों से उड़ रही धूल पर पानी का छिड़काव करवाने में भी प्रशासन नाकाम रहा है।
पिछले कई दिन से जींद शहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सामान्य से काफी अधिक चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार एक्यूआई 50 तक सही माना जाता है। इसके बाद पर्यावरण खतरनाक होने लगता है। वहीं जींद का एक्यूआई पिछले चार दिनों से 150 के पार चल रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार मौसम गर्म होने की वजह से अभी धूल और बढ़ेगी। इससे प्रदूषण का स्तर भी बढ़ेगा।
ठेकेदार की मनमानी से बढ़ रहा प्रदूषण
जींद शहर में काफी निर्माण कार्य चल रहे हैं। इनमें रोहतक रोड बाईपास का निर्माण, शहर के मुख्य बाईपास का निर्माण, अर्बन इस्टेट की गलियों का निर्माण और अमृत योजना के तहत बरसाती पानी निकासी के लिए पाइप लाइन डालने का काम। इन सभी परियोजनाओं में मिट्टी का काम व्यापक स्तर पर हो रहा है। नियमानुसार निर्माण करने वाली फर्म को यह सुनिश्चित करना होता है कि धूल नहीं उड़, लेकिन यह नियम अधिकारियों की अनदेखी के चलते हवा में उड़ रहे हैं।
अधिकारियों से मिलकर करेंगे प्रयास
शहर में प्रदूषण की समस्या बेहद गंभीर हो चली है और ऐसे में सोमवार को अधिकारियों से मिलकर इस पर नियंत्रण करने की मांग की जाएगी। ठेकेदार अपनी मनमानी कर कहीं भी पानी की छिड़काव नहीं कर रहे है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है।
करवाएं गे वॉटर फॉगिंग
जींद शहर में प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए नगर परिषद को पत्र लिखा गया है कि वह अपने क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों पर प्रदूषण रोकना सुनिश्चित करे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी शहर में वाटर फॉगिंग की योजना बनाई है। शहर में दो दिन वाटर फॉगिंग करवाई जाएगी, ताकि प्रदूषण का स्तर कम हो सके।
विनय गिल, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड