आरटीआई कार्यकर्ता पर हमले के मामले में तीन ने किया सरेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रिश्वत लेने सहित कई अन्य मामलों में पुलिस का खुलासा करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कपूर पर दिनदहाड़े किए गए हमले के मामले में तीन आरोपियों ने अदालत में सरेंडर कर दिया। अब तक इस मामले में पांच लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। अदालत ने उनको जेल भेज दिया। आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत के बाद एसएसपी डॉ. अरुण सिंह ने एसआईटी में फेरबदल भी किया है।
पांच अप्रैल को बाजरान मोहल्ला निवासी सुनील कपूर अपनी सर्राफा बाजार स्थित दुकान में बैठा था। उसी समय आठ नकाबपोश युवक आए और सुनील कपूर पर हमला कर दिया। इस हमले में वह बुरी तरह घायल हो गए थे। इससे चार दिन पहले भी उनके घर पर हमला किया गया। इसमें फायरिंग भी की गई थी। एसएसपी ने मामले की जांच के लिए सात अप्रैल को डीएसपी जोगेंद्र के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी। एसआईटी में शहर थाना प्रभारी, सदर थाना प्रभारी, झांझ गेट चौकी प्रभारी को भी शामिल किया गया। एसआईटी ने मामले की जांच करते हुए सुनील कपूर पर हमले के आरोप में बीड़ बड़ा वन के पास से रामराय भैण निवासी विनय व सोनीपत जिले के गांव गंगेसर निवासी सनी को गुप्ता सूचना के आधार पर काबू किया था। अब तीन अन्य आरोपियों सोनू, सुरेंद्र व नरेंद्र ने भी जिला अदालत में सरेंडर कर दिया। अदालत ने तीनों को जेल भेज दिया।
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एसआईटी में किया फेरबदल
एसएसपी डॉ. अरुण सिंह ने इस मामले में डीएसपी जोगेंद्र सिंह के नेतृत्व एसआईटी का गठन किया था। इसमें शहर थाना प्रभारी जगबीर सिंह, सदर थाना प्रभारी दिनेश कुमार, झांझ गेट चौकी इंचार्ज नरेंद्र कुमार को शामिल किया गया था। अब शिकायतकर्ता सुनील कपूर ने एसएसपी को शिकायत देकर एसआईटी में फेरबदल करने की मांग की थी जिसके बाद शहर थाना प्रभारी जगबीर सिंह व झांझ गेट चौकी इंचार्ज नरेंद्र कुमार को हटाकर उनके स्थान सिविल लाइन थाना प्रभारी वीरेंद्र खर्ब व एएसआई रमेश चहल को शामिल किया गया। डीएसपी जोगेंद्र सिंह ने कहा कि मामले की जांच जारी है। जल्द ही सभी आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे।