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तीन दिन पहले ही महंत ने खुद बंद करवा दिए थे सीसीटीवी कैमरा दिन भर रहता था भक्तों का तांता रात को डेरे में अकेले रहते थे महंत

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तीन दिन पहले महंत ने बंद करवाए थे सीसीटीवी कैमरे, चालू होते तो आरोपियों का लग जाता पता
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पोंकरी खेड़ी गांव स्थित पोंकर तीर्थ के महंत प्रणाई नाथ की मंगलवार रात को डेरे में हत्या कर दी गई। महंत प्रणाई नाथ पैरों में दिक्कत की वजह से लंबे समय से चलने-फिरने में असमर्थ थे। वे 30 साल से पोंकर तीर्थ डेरे में रह रहे थे। हत्या के साथ ही डेरे से चांदी का रथ और बाबा द्वारा पहले गए सोने के आभूषण व डेरे में रखी नकदी गायब मिली है।
इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि हत्या के तीन दिन पहले रविवार को द्वादशी के मौके पर महंत ने खुद ही मंदिर व डेरे में लगे सभी पांच सीसीटीवी कैमरों को बंद कर दिए थे। दरअसल महंत का कहना था कि द्वादशी के मौके पर पूजा करने आने वाले बच्चे सीसीटीवी कैमरों को देखकर ज्यादा मस्ती करते हैं। इसके चलते ही सीसीटीवी कैमरे बंद करवा दिए थे। हत्यारों ने इसी का फायदा उठाकर डेरे को निशाना बनाया। हत्या करने वाले डेरे से चांदी का 800 ग्राम का वह रथ भी ले गए जिसे डेरे की ओर से मुख्यमंत्री मनोहर लाल को 13 अक्तूबर को उन्हें धार्मिक स्थलों के दौरे पर आने के दौरान दिया गया था। उस समय मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रथ को वापस डेरे को लौटा दिया था। हत्यारे डेरे से अन्य कीमती सामान भी चोरी कर लिए हैं। बहराल पुलिस हर एंगल से मामले की जा रही है।
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कानों के कुंडल भी निकाले
पुलिस के अनुसार महंत की हत्या करने वालों ने महंत द्वारा कानों में पहने गए कुंडल, सोने की अंगूठी, सोने की चेन और अलमारी में रखी नकदी भी निकाल कर ले गए हैं। एक चांदी का गदा भी गायब है। ऐसे में पुलिस को शक है कि घटना में कोई ऐसा व्यक्ति शामिल हो सकता है जो डेरे की पूरी जानकारी रखता हो।
हत्या में तीन से चार लोगों के शामिल होने की आशंका
मौके पर पहुंची एफएसएल और पुलिस टीम के अनुसार घटना में तीन से चार लोग शामिल हो सकते हैं। जिस कमरे में महंत प्रणाई नाथ रहते थे, उसका दरवाजा धक्का मारकर खोला गया है। कमरे के अंदर की कुंडी मुड़ी हुई मिली है।
दिनभर लगा रहता था भक्तों का तांता, रात को अकेले रहते थे महंत
ग्रामीणों के अनुसार सुबह छह बजे लोग पूजा करने के लिए तीर्थ पर पहुंचने शुरू हो जाते थे। दिनभर कोई न कोई महंत के पास आता रहता था। शाम के समय डेरे में आरती होती है, जिसमें करीब 50 से 70 लोग शामिल होते हैं। इसके बाद कुछ भक्त वहीं रुकते थे। रात करीब दस बजे सभी डेेरे से लौट आते थे। मंगलवार रात को भी करीब साढ़े नौ बजे लोग डेरे से लौट गए थे।
20 एकड़ में फैला है डेरा, आधा दर्जन डेरों पर है प्रभाव
ग्रामीणों के अनुसार महंत प्रणाई नाथ जिस पोंकर, पुष्कर डेरे में रहते थे, वह करीब 20 एकड़ में फैला है। महंत करीब 30 साल पहले इस डेरे में आए थे। उन्होंने ही यहां डेरे को विकसित किया। इससे पहले पोंकर तीर्थ महज एक जोहड़ था। इसके अलावा जींद जिले के अलेवा डेरा, पेगां गांव के डेरे, भिवानी जिला के अमरवास, हिसार जिले के सुलचानी, हरिद्वार, भिवानी जिला में तिगड़ाना गांव के डेरे पर उनका प्रभाव था। इन डेरों में रहने वाले महंत प्रणाईनाथ द्वारा ही भेजे गए हैं। महंत प्रणाई नाथ के दो चेले बधाईनाथ और शकाईनाथ हैं। बधाईनाथ भिवानी जिला के अमरवास और शकाईनाथ अलेवा डेरे को संभालते हैं।
देश में दो जगह हैं पुष्कर तीर्थ स्थल
ग्रामीणों ने बताया कि देश में दो जगह ही पुष्कर तीर्थ स्थल हैं। इनमें एक राजस्थान में है और दूसरा पोंकरी खेड़ी गांव में। इसके चलते तीर्थ की काफी अधिक धार्मिक मान्यता है। शुक्ल पक्ष की द्वादशी को यहां पर हजारों लोग पूजा करने के लिए आते हैं। यहां पर प्रदेश से ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों से भी द्वादशी पर आते हैं।
मुख्यमंत्री ने की थी दो करोड़ रुपये देने की घोषणा
पिछले साल 13 अक्तूबर को जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल जींद के धार्मिक स्थलों के दौरे पर जींद पहुंचे थे उन्होंने पोंकर (पुष्कर तीर्थ) की भी यात्रा की थी। यहां की धार्मिक मान्यता को देखते हुए उन्होंने डेरे के लिए करीब दो करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। यह राशि डेरे को मिल चुकी है और डेरे में विकास कार्य भी चल रहा है।
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ग्रामीणों ने बताया कि महंत ने खुद ही सीसीटीवी कैमरे बंद करवा दिए थे। पुलिस ने हत्या और लूटपाट का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभी यह नहीं कहा जा सकता कि कितने आरोपी थे, मगर जल्द ही आरोपियों का पता लगा लिया जाएगा।
सुरेंद्र कुमार, सदर थाना प्रभारी।
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