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सांड ने मारी टक्कर आए 30 टांके

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नरवाना में सांड़ों का आतंक, महिला को किया जख्मी, लगे 30 टांके
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अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। शनिवार सायं शहर के पंजाबी चौक पर रहने वाली सरोज मुंजाल घर से बाहर किसी काम से जा रही थी कि सांड़ ने उसे अपने सिंगों पर उठा लिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। पेट में गहरे निशान आए तो चिकित्सकों को 30 टांके लगाने पड़े। इससे पहले भी शहर में सांड़ों से कई घटनाएं हो चुके हैं। नरवाना में लावारिस पशुओं का इतना आंतक है, कि लोग डर के मारे अपने बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने देते। हर रोज लोग पशुओं की चपेट आ जाते हैं। इसी माह की दो तारीख को सांड़ों की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की मौत हो चुकी है।


दो अक्तूबर को हुई थी 80 वर्षीय हरीराम की मौत
80 वर्षीय नई बस्ती निवासी हरीराम दो सांड़ों की लड़ाई में घायल हो गए थे। उसे उपचार के पीजीआई रोहतक में ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया था। हरीराम दशहरा के दिन अपने घर के पास नई बस्ती में जा रहा था कि दो सांड़ों की लड़ाई में वह घायल हो गया था। परिजनों को उपचार पर काफी रकम खर्च करनी पड़ी थी।
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सररकार ने 15 अगस्त तक लावारिस सांडों सड़के मुक्त होने की थी बात
जिला प्रशासन के आदेश पर नगर परिषद नरवाना ने पहले 15 अगस्त से पूर्व शहर को लावारिस पशु मुक्त करने का दावा किया था। जिसके तहत 172 लावारिस मवेशियों को जींद भेजे गए हैं। उसके बाद दो अक्तूबर तक शहर को सांड़ों से निजात दिलाने का दावा किया था लेकिन 78 पशु ही सड़कों से हटाए गए। इसके बावजूद आज भी अनेक सांड़ शहर में चलती फिरती मौत बनकर घूम रहे हैं। जिस भी आदमी व औरत के हाथ में पॉलीथिन दिखाई देता हैं, सांड़ उसी के पिछे लग जाते हैं। नप में सफाई निरीक्षक का काम देख रहे राजेंद्र ने बताया कि उन्होंने 250 सांड़ सड़कों से हटाकर जींद भेजे लेकिन आसपास के ग्रामीण पशुओं को शहर में छोड़ जाते हैं। उन्होंने बताया कि अब लावारिस पशुओं को छोड़ने का जिम्मा पशु पालन विभाग को दिया गया है।
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युवक घायल
वहीं जींद के रोहतक रोड पर भी रात के समय सांड़ की चपेट में आने से रोहतक रोड निवासी 13 वर्षीय बबलू जिंदल घायल हो गया। घायल का रोहतक रोड पर ही एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। जिंदल ने बताया कि वह देवीलाल चौक पर ढाबा चलाता है और रात को बालाजी मंदिर में पूजा के लिए गया था। जब वह वापस आ रहा था तो रास्ते में काला सांड़ सड़क के बीचों बीच खड़ा था, जो रात के अंधेरे में उसे दिखाई नहीं दिया और उसकी बाइक सांड़ से टकरा गई। इससे उसे काफी गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल उनकी हालत ठीक है। जिंदल ने प्रशासन से मांग की है कि सांडों को सड़कों से हटाया जाए।
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