अमर उजाला ब्यूरो
अलेवा।
गुप्ता फिलिंग स्टेशन पर डीजल मे पानी मिलाने का मामला सामने आया है। इस पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने मशीन को सील कर और डीजल के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। हालांकि, अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने तेल ड्रामों में भर कर टैंक खाली कर दिया था। तेल की जांच के बाद पंप की मशीन को सील किया गया है।
अलेवा निवासी भोलू चहल, जितेंद्र चहल और बिशनपुरा निवासी पवन ने रविवार रात को कार में एक हजार रुपये का डीजल गुप्ता फिलिंग स्टेशन से डलवाया था। डीजल डलवाने के बाद कुछ दूर चलने पर कार बंद हो गई। उन्होंने कार को मिस्त्री को दिखाया तो उसने बताया कि कार के तेल में पानी की मिलावट है। इस पर उन्होने पेट्रोल पंप मालिक से संपर्क करने की कोशिश की। उससे संपर्क नहीं होने पर उन्होंने इसकी शिकायत जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अधिकारी राजेश आर्य से कर दी। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर डीजल के सैंपल लिए। इसमें पानी की मिलावट की पुष्टी हुई।
सील की मशीन
खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अधिकारी राजेश आर्य ने बताया कि शिकायत पर संज्ञान लेते हुए विभागीय टीम ने फिलिंग स्टेशन पर पहुंचकर मिलावट और अन्य अनियमितताओं की जांच की है। कुछ अनियमितता सामने आने पर डीजल मशीन के दो नोजल सील कर दिए हैं। मालिक को एक सप्ताह का कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा। तेल नियंत्रक मापक अधिकारी द्वारा सील की गई मशीन के पंप मालिक से नियमानुसार जुर्माना भरवाया जाएगा।
आरोप निराधार
इस मामले को लेकर पेट्रोल पंप मालिक राजकुमार मलिक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन पर लगे सभी आरोप निराधार हैं। पानी मिलने की जो बात सामने आई है, वह थोड़ा बहुत वाष्पीकरण के कारण हर एक पेट्रोल पंप के टैंक में मिलेगा।